Russia-Ukraine War: जंग पांचवें साल में, शांति वार्ता के बीच जेलेंस्की का बयान
नेशनल डेस्क: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब पांचवें साल में प्रवेश कर चुका है। 24 फरवरी 2022 को शुरू हुआ यह संघर्ष आज भी जारी है, हालांकि अमेरिकी मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर बातचीत भी चल रही है। युद्ध के चार साल पूरे होने पर यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने कहा कि रूस अपने लक्ष्य हासिल करने में सफल नहीं हुआ और यूक्रेन ने अपनी संप्रभुता की रक्षा की है।
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनी जनता को तोड़ा नहीं जा सका और उनका देश शांति और न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रयास जारी रखेगा। वहीं रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin लगातार यह कहते रहे हैं कि यूक्रेन का पश्चिमी सैन्य गठबंधन NATO की ओर झुकाव रूस की सुरक्षा के लिए खतरा है।
सोवियत संघ के विघटन के बाद स्वतंत्र हुआ यूक्रेन धीरे-धीरे यूरोप और अमेरिका के करीब आया। 2014 में रूस समर्थक राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच को हटाए जाने के बाद रूस ने क्रीमिया पर कब्जा कर लिया और पूर्वी यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र में संघर्ष तेज हो गया। फरवरी 2022 में रूस ने डोनेट्स्क और लुहांस्क को स्वतंत्र मान्यता देने के बाद सैन्य कार्रवाई शुरू की, जिससे व्यापक युद्ध छिड़ गया।
इस बीच अमेरिका की ओर से युद्ध रोकने के लिए बहु-बिंदु समझौते का प्रस्ताव रखा गया है और दोनों देश बातचीत कर रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह संघर्ष केवल क्षेत्रीय विवाद नहीं बल्कि वैश्विक भू-राजनीति, ऊर्जा आपूर्ति और सुरक्षा संतुलन से जुड़ा हुआ है।
Our Thoughts
रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष आधुनिक समय के सबसे लंबे और जटिल युद्धों में गिना जा रहा है। यह केवल दो देशों के बीच सैन्य टकराव नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन, ऊर्जा बाजार और सुरक्षा गठबंधनों की दिशा तय करने वाला संघर्ष बन चुका है। युद्ध के लंबा खिंचने से आर्थिक दबाव, मानवीय संकट और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर गहरा असर पड़ा है।
अमेरिकी मध्यस्थता में चल रही बातचीत इस बात का संकेत है कि सभी पक्ष किसी न किसी रूप में समाधान तलाशना चाहते हैं, लेकिन जमीन पर हालात अभी भी चुनौतीपूर्ण हैं। स्थायी शांति के लिए सुरक्षा चिंताओं, क्षेत्रीय दावों और अंतरराष्ट्रीय भरोसे के बीच संतुलन बनाना जरूरी होगा। आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि वार्ता वास्तविक समाधान की दिशा में बढ़ती है या संघर्ष की स्थिति बनी रहती है।
