पावरग्रिड को मोदी कैबिनेट का बड़ा तोहफा: इक्विटी निवेश सीमा 5,000 करोड़ से बढ़ाकर 7,500 करोड़ रुपए की गई
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने मंगलवार को ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में एक बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने देश के सबसे बड़े ट्रांसमिशन सेवा प्रदाता 'पावरग्रिड' (PowerGrid) की इक्विटी इन्वेस्टमेंट (निवेश) लिमिट बढ़ाने को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
इस फैसले के बाद अब पावरग्रिड अपनी प्रति सहायक कंपनी (Subsidiary) में 7,500 करोड़ रुपए तक का निवेश कर सकती है। पहले यह निवेश सीमा अधिकतम 5,000 करोड़ रुपए तय थी। हालांकि, सीसीईए ने कंपनी की कुल संपत्ति (Net Worth) के 15 प्रतिशत की मौजूदा सीमा को पहले की तरह ही बरकरार रखा है।
इस फैसले का मुख्य उद्देश्य और प्रभाव
यह महत्वपूर्ण मंजूरी महारत्न सीपीएसई (CPSE) पर लागू शक्तियों के प्रत्यायोजन संबंधी लोक उद्यम विभाग (DPE) के 4 फरवरी, 2010 के मौजूदा दिशानिर्देशों के तहत दी गई है। इसके कई दूरगामी फायदे होंगे:
- अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा: आधिकारिक बयान के अनुसार, इस मंजूरी से पावरग्रिड को अपने मुख्य व्यवसाय में निवेश बढ़ाने और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) क्षमता के उपयोग को तेजी से बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
- 500 गीगावाट का लक्ष्य: यह कदम गैर-जीवाश्म-आधारित (Non-fossil) स्रोतों से 500 गीगावाट ऊर्जा उत्पादन के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में बड़ी सहायता करेगा।
- बड़ी परियोजनाओं में भागीदारी: निवेश सीमा बढ़ने से अब पावरग्रिड अधिक पूंजी वाली ट्रांसमिशन परियोजनाओं, जैसे अल्ट्रा हाई वोल्टेज अल्टरनेटिंग करंट (UHVAC) और हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट (HVDC) ट्रांसमिशन नेटवर्क के लिए आसानी से बोलियों में भाग ले सकेगा।
- सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा: यह महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन परियोजनाओं के लिए 'टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली' (TBCB) में प्रतिस्पर्धा को बढ़ाएगा, जिससे बेहतर मूल्य निर्धारण सुनिश्चित होगा और अंततः आम उपभोक्ताओं को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध हो सकेगी।
पावरग्रिड के शानदार तिमाही नतीजे (Q3 Results)
इस बड़े फैसले के साथ ही केंद्रीय विद्युत संचरण कंपनी पावरग्रिड ने हाल ही में चालू वित्तीय वर्ष (2025-26) की तीसरी तिमाही के अपने शानदार वित्तीय परिणाम भी घोषित किए हैं:
- मुनाफे में उछाल: सार्वजनिक क्षेत्र की इस कंपनी ने मुनाफे में मजबूत वृद्धि दर्ज की है। टैक्स के बाद स्टैंडअलोन प्रॉफिट (PAT) 4,160.17 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वित्त वर्ष (2024-25) की तीसरी तिमाही के 3,894.09 करोड़ रुपए से 6.8 प्रतिशत अधिक है।
- राजस्व (Revenue): परिचालन से स्टैंडअलोन राजस्व 11,005.28 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही के 10,120.72 करोड़ रुपए के मुकाबले काफी अधिक है।
निवेशकों के लिए लाभांश (Dividend) का ऐलान
शानदार नतीजों के बीच कंपनी के निदेशक मंडल ने निवेशकों को खुश करते हुए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इसमें वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति शेयर 3.25 रुपए (10 रुपए के अंकित मूल्य पर 32.5 प्रतिशत) के दूसरे अंतरिम लाभांश (Interim Dividend) का ऐलान शामिल है। इस लाभांश का भुगतान निवेशकों को 27 फरवरी, 2026 को किया जाएगा।
संपादकीय विश्लेषण
पावरग्रिड की निवेश सीमा बढ़ाना भारत सरकार के उस विजन का हिस्सा है, जिसके तहत देश के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर अक्षय ऊर्जा के लक्ष्यों (500 GW) को समय पर पूरा करना है। सीमा बढ़ने से कंपनी बड़े टेंडर्स में आक्रामक रूप से हिस्सा ले सकेगी। वहीं, Q3 में 4,160 करोड़ रुपए का मुनाफा और 3.25 रुपए का अंतरिम लाभांश यह दर्शाता है कि पावरग्रिड वित्तीय रूप से बेहद मजबूत स्थिति में है और यह निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद दांव बना हुआ है
