रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर पर फायरिंग केस में बड़ा खुलासा, बिश्नोई गैंग से चार साल पुराना नाता निकला
मुंबई के मशहूर फिल्म निर्माता-निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू स्थित आवास पर हुई फायरिंग के मामले में जांच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच को अहम सुराग मिले हैं। पुलिस के मुताबिक हथियार सप्लाई करने वाला गिरफ्तार आरोपी आसाराम फासले पिछले चार वर्षों से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम कर रहा था। वह पुणे के मालवली इलाके का रहने वाला है और गैरेज मैकेनिक की आड़ में गैंग के लिए हथियारों की सप्लाई करता था।
क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि आसाराम फासले पिछले दस साल से पुणे के वारजे इलाके में एक गैरेज में काम कर रहा था। इसी दौरान वह बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के मास्टरमाइंड शुभम लोनकर के संपर्क में आया। लोनकर से प्रभावित होकर उसने चार साल पहले बिश्नोई गैंग जॉइन किया। पुलिस के अनुसार फासले ने ही स्वप्निल सकट को हथियार सौंपे थे, जिन्होंने आगे अज्ञात शूटर को फायरिंग के लिए हथियार दिए। अब तक इस मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि मुख्य शूटर फरार है।
रोहित शेट्टी की फिल्मों की बात करें तो उनकी हालिया रिलीज़ सिंघम अगेन ने 2025 में लगभग 350 करोड़ रुपये का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर इसके पहले महीने में 18 मिलियन से ज्यादा व्यूज़ दर्ज किए गए थे।
फिल्म इंडस्ट्री में इस घटना को लेकर चिंता साफ दिख रही है। एक वरिष्ठ निर्माता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि फिल्मकारों की सुरक्षा अब गंभीर मुद्दा बनती जा रही है। रोहित शेट्टी की टीम की ओर से जारी बयान में कहा गया कि वे मुंबई पुलिस के सहयोग से जांच पर पूरा भरोसा रखते हैं और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन कर रहे हैं।
क्राइम ब्रांच अब आसाराम फासले के मोबाइल फोन और डिजिटल कम्युनिकेशन की गहन जांच कर रही है, ताकि डिलीट किए गए मैसेज और गैंग नेटवर्क से जुड़े लिंक सामने आ सकें। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हथियारों की खरीद कहां से की गई और इसके बदले कितनी रकम दी गई। सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में इस केस में और गिरफ्तारियां संभव हैं।
Final Thoughts
रोहित शेट्टी के आवास पर हुई फायरिंग की घटना सिर्फ एक सेलिब्रिटी सिक्योरिटी का मामला नहीं है, बल्कि यह मुंबई जैसे महानगर में संगठित अपराध की जड़ों की ओर भी इशारा करती है। जिस तरह एक साधारण गैरेज मैकेनिक की आड़ में काम करने वाला व्यक्ति बिश्नोई गैंग जैसे खतरनाक नेटवर्क का हिस्सा बना, वह कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी है। फिल्म इंडस्ट्री पहले ही लगातार धमकियों और सुरक्षा चिंताओं से जूझ रही है और यह मामला उस डर को और गहरा करता है।
पुलिस की जांच से यह भी साफ होता है कि अपराधी सिर्फ पैसों के लिए नहीं, बल्कि इलाके में दबदबा और पहचान बनाने की चाह में ऐसे गिरोहों का हिस्सा बन रहे हैं। यह सोच समाज के लिए खतरनाक है। आने वाले दिनों में असली शूटर की गिरफ्तारी इस केस की दिशा तय करेगी। अगर पुलिस पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने में सफल होती है, तो यह न सिर्फ रोहित शेट्टी बल्कि पूरी इंडस्ट्री के लिए राहत की खबर होगी।
