कोहरा’ सीजन 2 से पहले बरुण सोबती बोले—स्क्रिप्ट की ताकत आज भी सबसे ऊपर
बरुण सोबती की चर्चित वेब सीरीज कोहरा का दूसरा सीजन 11 फरवरी से Netflix पर प्रीमियर के लिए तैयार है। रिलीज से पहले बरुण ने इंडस्ट्री में आए बदलावों, सोशल मीडिया के असर और अपने करियर दर्शन पर खुलकर बात की। उनका कहना है कि डिजिटल दौर में भी उनका भरोसा स्क्रिप्ट की ताकत पर कायम है और वे ट्रेंड्स से ज्यादा काम की क्वालिटी पर फोकस करते हैं।
आईएएनएस से बातचीत में बरुण ने कहा कि दुनिया भले ही तेजी से बदली हो, लेकिन उनका नजरिया वही रहा है। उनके मुताबिक, पहले अच्छी स्क्रिप्ट्स कम मिलती थीं, जबकि अब ऐसे प्रोजेक्ट्स सामने आ रहे हैं जिनमें उनका टैलेंट सही तरह से इस्तेमाल हो रहा है।
‘कोहरा’ एक क्राइम थ्रिलर पुलिस-प्रोसिजरल है, जो पंजाब की सर्द और खामोश पृष्ठभूमि में सेट है। सीजन 2 में बरुण एक बार फिर तेज-तर्रार इन्वेस्टिगेटर अमरपाल गरुंडी के रोल में नजर आएंगे। इस बार उनके साथ नई ऑफिसर के रूप में मोना सिंह जुड़ रही हैं और दोनों मिलकर एक महिला से जुड़ी डार्क मर्डर मिस्ट्री सुलझाते दिखेंगे। सीरीज में रणविजय सिंह की भी अहम भूमिका है।
नेटफ्लिक्स ने पहले सीजन के सटीक व्यूअरशिप आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए थे, लेकिन रिलीज के समय यह सीरीज भारत में टॉप ट्रेंडिंग शोज़ में शामिल रही थी और सोशल मीडिया पर इसकी कहानी व टोन को लेकर व्यापक चर्चा हुई थी। चूंकि यह ओटीटी प्रोजेक्ट है, इसलिए बॉक्स ऑफिस कलेक्शन लागू नहीं होता, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसकी पहुंच और चर्चा ने इसे मजबूत पहचान दिलाई।
बरुण ने प्रासंगिक बने रहने पर जोर देते हुए कहा कि कलाकार को अपनी काबिलियत समझनी चाहिए और दूसरों से तुलना करने के बजाय यह जानना चाहिए कि वह कहां सबसे बेहतर फिट होता है। वहीं, निर्माताओं का मानना है कि सीजन 2 में नया केस और नई केमिस्ट्री दर्शकों को पहले से ज्यादा गहराई से जोड़ेगी।
सीरीज को सुदीप शर्मा, गुंजित चोपड़ा और डिग्गी सिसोदिया ने क्रिएट व लिखा है, जबकि निर्देशन रणदीप झा ने संभाला है। इसे एक्ट थ्री और फिल्म स्क्वाड प्रोडक्शन के बैनर तले बनाया गया है।
पहले सीजन की सराहना के बाद मेकर्स ने कहानी को आगे बढ़ाते हुए नए किरदार और ताजा नैरेटिव जोड़ा है। 11 फरवरी से स्ट्रीम होने के बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया तय करेगी कि ‘कोहरा’ फ्रेंचाइज़ी आगे किस दिशा में बढ़ती है।
Final Thoughts
‘कोहरा’ का दूसरा सीजन ऐसे वक्त में आ रहा है जब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर कंटेंट की भरमार है और दर्शकों की पसंद तेजी से बदल रही है। इस माहौल में बरुण सोबती का स्क्रिप्ट-केंद्रित नजरिया इंडस्ट्री के लिए एक अहम संकेत देता है। उनका मानना है कि सोशल मीडिया ट्रेंड्स और पॉपुलैरिटी अस्थायी हो सकती है, लेकिन मजबूत कहानी और किरदार लंबे समय तक टिकते हैं।
पहले सीजन ने जिस तरह से साइलेंट टोन, लोकल सेटिंग और सधी हुई परफॉर्मेंस के जरिए दर्शकों का भरोसा जीता, उसी विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब सीजन 2 पर है। मोना सिंह की एंट्री और नया केस कहानी को ताजगी देता है, जिससे सीरीज का स्केल और इमोशनल डेप्थ बढ़ने की उम्मीद है।
ओटीटी युग में जहां अक्सर नंबरों और व्यूअरशिप की चर्चा होती है, ‘कोहरा’ जैसे शोज़ यह याद दिलाते हैं कि क्राफ्ट और लेखन अब भी कंटेंट की रीढ़ हैं। अगर दूसरा सीजन पहले की तरह दर्शकों को जोड़ने में कामयाब रहता है, तो यह न सिर्फ बरुण सोबती के करियर के लिए बल्कि भारतीय क्राइम थ्रिलर जॉनर के लिए भी एक मजबूत कदम साबित हो सकता है।
