ट्रंप की 'डील' से दलाल स्ट्रीट में दिवाली—सेंसेक्स ने लगाई 24,000 की छलांग, निवेशकों ने मिनटों में कमाए 20 लाख करोड़, रुपया भी हुआ 'बाहुबली
मुंबई/नई दिल्ली, दिनांक: 3 फरवरी 2026 — भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से अटकी ऐतिहासिक ट्रेड डील (India-US Trade Deal) के पक्के होने की खबर ने मंगलवार को भारतीय वित्तीय बाजारों में एक ऐसा तूफान ला दिया, जिसकी गूंज वॉल स्ट्रीट तक सुनाई दी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लागू टैरिफ को तत्काल प्रभाव से घटाकर 18 फीसदी करने की घोषणा ने निवेशकों में उत्साह का संचार कर दिया है। इससे पहले भारत द्वारा यूरोपीय यूनियन के साथ 'मदर ऑफ ऑल डील्स' (India-EU FTA) साइन करने की खबर ने पहले ही बाजार का मूड सेट कर दिया था। अब अमेरिका के साथ समझौते ने सोने पर सुहागा का काम किया है।
मंगलवार को बाजार खुलते ही जो नजारा दिखा, वह अविश्वसनीय था। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स रॉकेट की तरह ऊपर गया और झटके में 24,000 अंकों की ऐतिहासिक बढ़त दर्ज की गई। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 700 से ज्यादा अंक उछलकर खुला। बाजार खुलने के शुरुआती कुछ मिनटों में ही निवेशकों की संपत्ति में करीब 20 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हो गया। बीएसई का मार्केट कैप (BSE Market Cap), जो पिछले बंद पर 4.55 करोड़ करोड़ रुपये था, वह पलक झपकते ही 4.74 करोड़ करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) और अडानी पोर्ट्स जैसे दिग्गजों के शेयरों में तूफानी खरीदारी देखी गई, जिससे यह साबित हो गया कि बाजार इस खबर का कितना बेसब्री से इंतजार कर रहा था।
शेयर बाजार के साथ-साथ भारतीय मुद्रा ने भी अपनी ताकत दिखाई। डील की खबर से रुपये में जबरदस्त मजबूती आई और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 'बाहुबली' बनकर उभरा। मंगलवार को रुपया 111 पैसे मजबूत होकर 90.40 के स्तर पर खुला, जबकि सोमवार को यह 91.51 पर बंद हुआ था। यह एक दिन में आई अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी में से एक है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और ट्रंप के ऐलान के बाद निवेशकों में बढ़े भरोसे का सीधा नतीजा है। साल 2026 में रुपये ने अब तक 0.56% की कमजोरी और सालाना आधार पर 4.55% की गिरावट देखी थी, लेकिन इस एक खबर ने पूरे समीकरण को पलट कर रख दिया है।
इस डील का असर कमोडिटी बाजार पर भी तुरंत दिखाई दिया। एमसीएक्स (MCX) पर पिछले कुछ दिनों से जारी सोने और चांदी की गिरावट पर जोरदार ब्रेक लग गया। अनिश्चितता के बादल छंटते ही कीमती धातुओं में फिर से चमक लौट आई। सोना एक बार फिर 1.52 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गया, जबकि चांदी में 28,000 रुपये की भारी तेजी दर्ज की गई। विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रेड डील ने बाजार में भू-राजनीतिक जोखिम (Geopolitical Risk) को कम किया है और सुरक्षित निवेश के साथ-साथ औद्योगिक धातुओं की मांग को भी सहारा दिया है।
सबसे महत्वपूर्ण पहलू विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का रुख है। टैरिफ और भारत-अमेरिका के बीच तनाव के कारण विदेशी निवेशक अब तक भारतीय बाजार से दूरी बनाए हुए थे और लगातार बिकवाली कर रहे थे। लेकिन इस डील के बाद एफआईआई की 'घर वापसी' की संभावना प्रबल हो गई है। बाजार के जानकारों का कहना है कि विदेशी निवेशक हमेशा 'पॉलिसी रिस्क' (Policy Risk) पर फोकस करते हैं। इस डील ने पॉलिसी स्टेबिलिटी (नीतिगत स्थिरता) का भरोसा बढ़ाया है। उम्मीद की जा रही है कि अब भारत में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश (Inflow) आने का सिलसिला शुरू होगा, जो बाजार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
The Trending People Analysis
यह ट्रेड डील भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक टर्निंग पॉइंट है। सेंसेक्स और रुपये में आया यह उछाल केवल एक दिन का जोश नहीं, बल्कि भविष्य के सुनहरे दौर का संकेत है।
The Trending People का विश्लेषण है कि अमेरिका के साथ 18% टैरिफ और यूरोप के साथ एफटीए—ये दो खबरें भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का केंद्र बना सकती हैं। निवेशकों ने जिस तरह से प्रतिक्रिया दी है, वह बताता है कि 'इंडिया स्टोरी' पर उनका भरोसा अटूट है। हालांकि, छोटे निवेशकों को सलाह है कि वे इस तेजी में बहने के बजाय फंडामेंटल्स (Fundamentals) पर ध्यान दें। बाजार नई ऊंचाइयों को छू रहा है, लेकिन अनुशासन ही लंबी अवधि में पैसा बनाएगा। यह 2026 की शुरुआत नहीं, बल्कि भारत के आर्थिक महाशक्ति बनने का शंखनाद है।
