सब्जियों के छिलके: कचरा नहीं, सेहत का खजाना; इन 5 सब्जियों को छीलने की गलती पड़ सकती है भारी, जानें वैज्ञानिक कारण
नई दिल्ली | आधुनिक जीवनशैली में हम स्वाद और दिखावे के पीछे इतने भाग रहे हैं कि अक्सर अनजाने में पोषण का बड़ा हिस्सा कूड़ेदान में फेंक देते हैं। सब्जियां हमारे दैनिक आहार का अनिवार्य हिस्सा हैं, लेकिन 'नारी डेस्क' की एक विशेष पड़ताल बताती है कि हम में से अधिकांश लोग सब्जियों को छीलकर उनका सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यानी 'छिलका' अलग कर देते हैं।
हालिया शोध बताते हैं कि कुछ सब्जियों के छिलकों में खुद सब्जी के गूदे (Flesh) से भी अधिक विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि वे कौन सी 5 सब्जियां हैं जिन्हें छिलके सहित खाना आपके परिवार की सेहत के लिए क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।
पोषण का पावरहाउस: क्यों जरूरी हैं छिलके?
सब्जियों के छिलके न केवल फाइबर का बेहतरीन स्रोत हैं, बल्कि वे पौधे की बाहरी रक्षा प्रणाली होते हैं, इसलिए उनमें फाइटोकेमिकल्स (Phytochemicals) की सांद्रता बहुत अधिक होती है। ये तत्व हमें कैंसर, मधुमेह और हृदय रोगों से बचाने में मदद करते हैं।
1. आलू (Potato): छिलके में छिपा है असली दम
आलू को 'सब्जियों का राजा' कहा जाता है, लेकिन इसे छीलना इसकी पोषण क्षमता को आधा कर देता है।
- पोषक तत्व: आलू के छिलके में प्रचुर मात्रा में आयरन, कैल्शियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम और विटामिन B6 होता है।
- फायदे: छिलके में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है। यदि आप वजन घटाना चाहते हैं, तो आलू को छिलके सहित उबालकर खाएं, क्योंकि यह आपको लंबे समय तक तृप्त (Full) रखता है।
- उपयोग: आलू को अच्छी तरह ब्रश से साफ करके इसकी सब्जी या 'बेक्ड वेजेज' बनाएं।
2. खीरा (Cucumber): हाइड्रेशन और चमकती त्वचा का राज
गर्मियों और सलाद का सबसे पसंदीदा विकल्प खीरा अक्सर छीलकर खाया जाता है, जो एक बड़ी गलती है।
- पोषक तत्व: इसके गहरे हरे छिलके में विटामिन K और फाइबर भरपूर होता है। विटामिन K हड्डियों के घनत्व (Bone density) को बढ़ाने और रक्त के थक्के जमने की प्रक्रिया में मदद करता है।
- फायदे: खीरे का छिलका एंटीऑक्सीडेंट्स से भरा होता है जो त्वचा की चमक बरकरार रखने में सहायक है। यह शरीर को डिटॉक्स करने और कब्ज की समस्या को जड़ से खत्म करने में कारगर है।
3. बैंगन (Eggplant): दिमाग की सुरक्षा का कवच
बैंगन के छिलके का गहरा बैंगनी रंग केवल रंग नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली औषधि है।
- पोषक तत्व: इसमें 'नासुनिन' (Nasunin) नामक एक एंथोसायनिन पाया जाता है।
- फायदे: नासुनिन एक ऐसा एंटीऑक्सीडेंट है जो मस्तिष्क की कोशिकाओं (Brain cells) को डैमेज होने से बचाता है। यह शरीर से अतिरिक्त आयरन को बाहर निकालने में भी मदद करता है (जो कि कुछ स्थितियों में हानिकारक हो सकता है) और कैंसर के जोखिम को कम करता है।
4. शकरकंद (Sweet Potato): इम्युनिटी और आयरन का स्रोत
सर्दियों का यह सुपरफूड छिलके के बिना अधूरा है।
- पोषक तत्व: शकरकंद के छिलके में बीटा-कैरोटीन के साथ-साथ इनसोल्यूबल फाइबर (Insoluble fiber) होता है।
- फायदे: यह छिलका शरीर में रेड ब्लड सेल्स (RBC) के निर्माण में मदद करता है, जिससे एनीमिया का खतरा टल जाता है। यह इम्युनिटी बढ़ाने और मेटाबॉलिज्म को तेज करने में भी सहायक है।
5. गाजर (Carrot): आंखों की रोशनी के लिए वरदान
अक्सर हम गाजर को ऊपरी तौर पर खुरच (Scrape) देते हैं, जिससे उसके ऊपरी भाग में मौजूद गुण नष्ट हो जाते हैं।
- पोषक तत्व: गाजर की बाहरी परत में फाइटोन्यूट्रिएंट्स और विटामिन A की उच्चतम मात्रा होती है।
- फायदे: इसके छिलके में मौजूद बीटा-कैरोटीन शरीर में सूजन (Inflammation) को कम करता है और बढ़ती उम्र के लक्षणों को रोकता है। यह विशेष रूप से आंखों की रोशनी बढ़ाने और मोतियाबिंद जैसी समस्याओं से बचाव में मदद करता है।
छिलके सहित सब्जियां खाने की सही विधि: 3 स्टेप गाइड
अक्सर लोग कीटनाशकों (Pesticides) के डर से छिलके उतार देते हैं। यहाँ सुरक्षित तरीका बताया गया है:
- गर्म पानी और नमक: सब्जियों को धोने के लिए गर्म पानी में थोड़ा नमक या सिरका (Vinegar) मिलाएं। यह कीटनाशकों को
$90\%$ तक हटा सकता है। - ब्रश का उपयोग: आलू या शकरकंद जैसी सख्त सब्जियों को साफ करने के लिए एक नरम ब्रश का उपयोग करें ताकि मिट्टी पूरी तरह निकल जाए।
- ऑर्गेनिक चुनें: यदि संभव हो, तो छिलके सहित खाने के लिए जैविक (Organic) सब्जियों को प्राथमिकता दें।
संपादकीय विश्लेषण
रसोई में हमारी छोटी सी आदतें बड़े स्वास्थ्य लाभ दे सकती हैं। छिलकों को फेंकना न केवल आर्थिक नुकसान है बल्कि पोषण का भी ह्रास है। 'नारी डेस्क' का यह सुझाव है कि अपने बच्चों को बचपन से ही सब्जियों के असली स्वाद और बनावट (Texture) से परिचित कराएं। छिलके सहित सब्जियां न केवल आपको बीमारियों से दूर रखेंगी बल्कि यह पर्यावरण के प्रति भी एक जिम्मेदारी भरा कदम है क्योंकि इससे रसोई से निकलने वाला कचरा कम होगा।