लखपति बिटिया योजना: दिल्ली सरकार का नया ऐलान, जन्म से ग्रेजुएशन तक आर्थिक सुरक्षाPexels
दिल्ली सरकार ने बेटियों की शिक्षा और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ‘लखपति बिटिया योजना’ की घोषणा की है। यह योजना वर्ष 2008 में शुरू हुई लाडली योजना का नया और संशोधित रूप है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नई व्यवस्था में डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू की गई है, जिससे लाभ सीधे बैंक खाते में पारदर्शी तरीके से पहुंचेगा और देरी की समस्या खत्म होगी।
सरकार के अनुसार इस योजना के तहत एक बालिका के लिए कुल 56,000 रुपये अलग-अलग चरणों में जमा किए जाएंगे। यह राशि ब्याज के साथ बढ़कर 1 लाख रुपये से अधिक हो सकती है। रकम सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। जन्म के समय 11,000 रुपये, पहली कक्षा, छठी, नौवीं और बारहवीं में प्रवेश पर 5-5 हजार रुपये दिए जाएंगे। दसवीं पास करने पर 5,000 रुपये का प्रोत्साहन मिलेगा। ग्रेजुएशन या डिप्लोमा के दौरान 20,000 रुपये किस्तों में दिए जाएंगे।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछली योजना के तहत 1.86 लाख खाते निष्क्रिय पाए गए थे। अब तक लगभग 30,000 लाभार्थियों को 90 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं और 41,000 अन्य को 100 करोड़ रुपये जल्द जारी किए जाएंगे। कुल मिलाकर 190 करोड़ रुपये की बकाया राशि वितरण की प्रक्रिया में है।
योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय 1.20 लाख रुपये से कम है, बच्ची का जन्म दिल्ली में हुआ हो और परिवार कम से कम तीन वर्ष से राजधानी में रह रहा हो। यदि लाभार्थी 21 वर्ष की आयु तक 12वीं पास नहीं करती है, तो जमा राशि ब्याज सहित वापस ली जा सकती है।
Final Thoughts
लखपति बिटिया योजना दिल्ली सरकार का एक महत्वपूर्ण सामाजिक हस्तक्षेप है, जिसका उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं बल्कि बेटियों की शिक्षा को निरंतर बनाए रखना है। शिक्षा के प्रत्येक पड़ाव पर दी जाने वाली राशि से परिवारों को प्रेरणा मिलेगी कि वे बेटियों की पढ़ाई बीच में न रोकें।हालांकि योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि आवेदन और वितरण प्रक्रिया कितनी पारदर्शी और सरल रहती है। पूर्व की लाडली योजना में निष्क्रिय खातों और देरी की समस्या सामने आई थी। यदि डिजिटल भुगतान प्रणाली और समयबद्ध सत्यापन प्रक्रिया प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो यह पहल बालिका शिक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत मॉडल बन सकती है।
यह भी महत्वपूर्ण होगा कि पात्र परिवारों को योजना की जानकारी समय पर मिले और दस्तावेजी प्रक्रिया आसान हो। यदि सरकार निगरानी तंत्र मजबूत रखती है, तो यह योजना राजधानी की हजारों बेटियों के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।
