UP Budget 2026: योगी सरकार का 1.5 लाख नौकरियों का ऐलान, पुलिस और शिक्षा में सबसे ज्यादा भर्ती
उत्तर प्रदेश सरकार ने बजट 2026 के साथ युवाओं के लिए बड़ी घोषणा की है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए बताया कि वर्ष 2026 में करीब 1.5 लाख नई सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभागवार रिक्त पदों की समीक्षा के बाद इस भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी दी है। सरकार का दावा है कि पिछले साढ़े आठ वर्षों में 8.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है और 2026 की प्रस्तावित भर्तियों के बाद दस साल में दस लाख नौकरियों का लक्ष्य पूरा हो जाएगा।
इस भर्ती अभियान में सबसे ज्यादा पद पुलिस और शिक्षा विभाग में होंगे। पुलिस विभाग में लगभग 50 हजार पदों पर भर्ती प्रस्तावित है, जिनमें 30 हजार सिपाही, 5 हजार सब-इंस्पेक्टर और 15 हजार अन्य पद शामिल हैं। शिक्षा विभाग में भी करीब 50 हजार पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इनमें सहायक अध्यापक, प्रवक्ता और प्रधानाचार्य के पद शामिल होंगे। राजस्व विभाग में 20 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी, जिनमें अधिकतर लेखपाल होंगे। स्वास्थ्य, आवास विकास, कारागार और बाल विकास जैसे विभागों में करीब 30 हजार पदों पर नियुक्तियां होंगी।
सरकार के अनुसार, राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 8,966 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि 2017 से अब तक सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 34,074 शिक्षकों की भर्ती की गई है। कौशल विकास योजना के तहत 4 लाख से अधिक युवाओं को निजी कंपनियों में रोजगार दिया गया है।
सरकार का कहना है कि सभी भर्तियां पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से की जाएंगी। कई विभागों में विज्ञापन जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और कुछ जगहों पर आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है। राज्य के लाखों अभ्यर्थी अब भर्ती कैलेंडर और आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार कर रहे हैं।
Our Final Thoughts
उत्तर प्रदेश में 1.5 लाख सरकारी नौकरियों की घोषणा निस्संदेह युवाओं के लिए बड़ी खबर है। रोजगार का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र रहा है। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में पदों की मंजूरी राज्य के श्रम बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा सकती है।
हालांकि, भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और समयबद्धता ही इस घोषणा की असली परीक्षा होगी। पिछले वर्षों में भर्ती परीक्षाओं में देरी, पेपर लीक और कानूनी अड़चनों जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं। यदि सरकार इन चुनौतियों से बचते हुए स्पष्ट कैलेंडर और तेज चयन प्रक्रिया अपनाती है, तो युवाओं का भरोसा मजबूत होगा।
पुलिस और शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर नियुक्ति से कानून व्यवस्था और शिक्षा तंत्र को मजबूती मिल सकती है। आने वाले महीनों में जारी होने वाले विज्ञापन और चयन प्रक्रिया की गति यह तय करेगी कि यह घोषणा जमीनी हकीकत में कितनी जल्दी बदलती है।
