M. Chinnaswamy Stadium: क्रिकेट की वापसी पर फैसला आज? केएससीए अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद की गृह मंत्री से अहम बैठक
बेंगलुरु के ऐतिहासिक M. Chinnaswamy Stadium में क्रिकेट की वापसी को लेकर हलचल तेज हो गई है। कर्नाटक राज्य क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) के अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद ने गुरुवार को राज्य के गृह मंत्री G. Parameshwara से करीब दो घंटे लंबी बैठक की। बैठक का मुख्य एजेंडा स्टेडियम में आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय मैचों को दोबारा शुरू कराने को लेकर सुरक्षा मंजूरी था।
बैठक के बाद प्रसाद ने कहा कि उन्हें राज्य कैबिनेट से सकारात्मक फैसले की उम्मीद है।
गौरतलब है कि Indian Premier League 2025 के दौरान Royal Challengers Bangalore के खिताब जीतने के बाद 4 जून को आयोजित जश्न कार्यक्रम में भगदड़ मच गई थी, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद राज्य सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए स्टेडियम में मैच आयोजन पर रोक लगा दी थी।
इसके बाद गृह मंत्री की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी गठित की गई, जिसने सुरक्षा मानकों, भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
वेंकटेश प्रसाद ने कहा कि स्टेडियम से जुड़े फैसले में कोई अनावश्यक देरी नहीं हुई है और सरकार की कमेटी पूरी गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने गृह मंत्री और पुलिस अधिकारियों का आभार जताते हुए कहा कि सभी पक्ष मिलकर समाधान निकालने की दिशा में काम कर रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सिर्फ आईपीएल मैचों की वापसी नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को भी फिर से बेंगलुरु लाना है। प्रसाद ने याद दिलाया कि 1996 विश्व कप के दौरान भारी भीड़ के बावजूद कोई अप्रिय घटना नहीं हुई थी और भविष्य में ऐसी घटना दोहराने से बचने के लिए सख्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।
आईपीएल 2026 से पहले स्टेडियम को दोबारा तैयार करना KSCA और RCB मैनेजमेंट की प्राथमिकता है। अब सबकी नजर राज्य कैबिनेट के फैसले पर है। यदि मंजूरी मिलती है, तो बेंगलुरु के क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह बड़ी राहत होगी।
Our Final Thoughts
एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम सिर्फ एक खेल का मैदान नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट इतिहास का अहम हिस्सा रहा है। यहां खेले गए कई यादगार मुकाबले और अंतरराष्ट्रीय मैच आज भी प्रशंसकों के मन में बसे हैं। पिछले साल हुई भगदड़ की घटना ने न सिर्फ परिवारों को आघात पहुंचाया, बल्कि खेल प्रशासन और सुरक्षा प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल खड़े किए।
अब जब सरकार और केएससीए मिलकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं, तो यह जरूरी है कि कोई भी फैसला जल्दबाजी में न लिया जाए। भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन निकासी मार्ग, डिजिटल टिकटिंग और निगरानी प्रणाली जैसे पहलुओं को आधुनिक मानकों के अनुरूप मजबूत करना समय की मांग है।
यदि कैबिनेट से हरी झंडी मिलती है, तो यह सिर्फ क्रिकेट की वापसी नहीं होगी, बल्कि सुरक्षित और जिम्मेदार आयोजन की नई शुरुआत भी होगी। बेंगलुरु के फैंस उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनका स्टेडियम फिर से रोशनी और तालियों की गूंज से भर उठे।
