जालंधर में छिड़ा 'क्रेडिट वार'—आदमपुर एयरपोर्ट के नाम पर विधायक कोटली ने केंद्र को घेरा, बोले "काम कांग्रेस का, फीता काटने आए मोदी", बजट से भी जताई निराशा
जालंधर/आदमपुर, दिनांक: 2 फरवरी 2026 — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जालंधर दौरे के बाद पंजाब की राजनीति में एक नया विवाद छिड़ गया है। आदमपुर एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास महाराज के नाम पर रखने को लेकर कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच श्रेय लेने की होड़ मच गई है। आदमपुर से कांग्रेस विधायक सुखविंदर कोटली ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि एयरपोर्ट का नाम बदलने का प्रस्ताव कांग्रेस सरकार का था, जिसे अब भाजपा अपने खाते में डाल रही है। विधायक ने कहा कि पीएम मोदी का डेरा सचखंड बल्लां में नतमस्तक होना अच्छी बात है, लेकिन विकास कार्यों का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।
कोटली ने दावा किया कि उनकी सरकार ने 2017 में ही विधानसभा में प्रस्ताव पास करवाकर केंद्र को भेजा था। उन्होंने खुद चार सांसदों के साथ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की थी। विधायक ने सवाल उठाया कि जब प्रस्ताव 8 साल पहले पास हो गया था, तो इतना लंबा इंतजार क्यों कराया गया? उन्होंने इसे चुनावी स्टंट बताते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आते ही केंद्र को गुरु महाराज की याद आई है, जबकि बोर्ड बहुत पहले लग जाने चाहिए थे। यह देरी पंजाब के लोगों के साथ छलावा है।
प्रधानमंत्री के दौरे से बजट को लेकर जगी उम्मीदों पर भी विधायक ने निराशा जताई। उन्होंने कहा कि पंजाब को इस बजट में कुछ नहीं मिला। उम्मीद थी कि पीएम दलितों के उत्थान के लिए 10 से 50 हजार करोड़ रुपये के पैकेज या किसी बड़ी यूनिवर्सिटी का ऐलान करेंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। कोटली ने प्रोटोकॉल के उल्लंघन का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक होने के बावजूद उन्हें पीएम के कार्यक्रम का न्योता नहीं मिला और न ही मिलने का समय दिया गया, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। नवजोत कौर सिद्धू के इस्तीफे पर उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि पार्टी छोड़ने के बाद बुराई करना गलत परंपरा है।
The Trending People Analysis
विकास कार्यों पर राजनीति कोई नई बात नहीं है, लेकिन आदमपुर एयरपोर्ट का मामला संवेदनशील है क्योंकि यह गुरु रविदास जी के नाम से जुड़ा है। कांग्रेस का दावा तथ्यों पर आधारित हो सकता है, लेकिन देरी का जवाब दोनों पक्षों को देना चाहिए।
The Trending People का विश्लेषण है कि एक स्थानीय विधायक को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से दूर रखना संघीय ढांचे की भावना के विपरीत है। पंजाब को बजट से काफी उम्मीदें थीं, विशेषकर दलित कल्याण और शिक्षा के क्षेत्र में। केंद्र सरकार को चाहिए कि वह श्रेय की लड़ाई से ऊपर उठकर राज्य की वास्तविक मांगों पर ध्यान दे। नाम बदलने से ज्यादा जरूरी है कि एयरपोर्ट की सुविधाएं और कनेक्टिविटी बढ़ें, जिससे दोआबा क्षेत्र का विकास हो सके।
