बांग्लादेश में 'रहमान' युग की वापसी: पीएम मोदी ने तारिक रहमान को दी बधाई; जानें भारत-बांग्लादेश रिश्तों का नया भविष्य
इंटरनेशनल डेस्क | पड़ोसी देश बांग्लादेश में हुए ऐतिहासिक आम चुनावों में बड़ी जीत के बाद दक्षिण एशिया की राजनीतिक तस्वीर बदलती नजर आ रही है। 17 वर्षों के लंबे निर्वासन के बाद वतन लौटे बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान (Tarique Rahman) ने न केवल चुनावी मैदान में अपनी ताकत दिखाई, बल्कि देश की बागडोर संभालने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस जीत पर तारिक रहमान को बधाई देते हुए दोनों देशों के बीच सहयोग की एक नई उम्मीद जगाई है।
पीएम मोदी का संदेश: 'लोकतांत्रिक और समावेशी बांग्लादेश का समर्थन'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से तारिक रहमान को उनकी शानदार जीत पर बधाई दी। पीएम मोदी ने अपने संदेश में लिखा कि यह जीत बांग्लादेश की जनता के उनके नेतृत्व और विजन पर अटूट भरोसे को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत हमेशा एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के समर्थन में मजबूती से खड़ा रहेगा। मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध केवल भौगोलिक नहीं बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक हैं, जिन्हें भविष्य में नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा।
भारत-बांग्लादेश संबंधों को नई दिशा देने की तैयारी
अपने बधाई संदेश में पीएम मोदी ने भविष्य की कूटनीति के संकेत भी दिए। उन्होंने कहा कि वह दोनों देशों के बीच मौजूद बहुआयामी संबंधों (Multifaceted relations) को और अधिक सशक्त बनाने के लिए तारिक रहमान के साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हैं। भारत के लिए बांग्लादेश उसकी 'नेबरहुड फर्स्ट' (Neighbourhood First) नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ रहा है। कनेक्टिविटी, ऊर्जा साझाकरण, और व्यापारिक सुरक्षा जैसे साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाना दोनों देशों की प्राथमिकता होगी।
17 साल का निर्वासन और ढाका-17 से बड़ी जीत
यह चुनाव तारिक रहमान के लिए केवल सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि उनके राजनीतिक पुनरुद्धार का माध्यम बना। 17 वर्षों से अधिक समय तक लंदन में स्वैच्छिक निर्वासन (Voluntary exile) में रहने के बाद, वह पिछले दिसंबर में ढाका लौटे थे। वापसी के बाद उनके पहले बड़े चुनाव में उन्होंने ढाका-17 सीट से भारी मतों से जीत हासिल की।
जीत के तुरंत बाद तारिक रहमान ने अपनी परिपक्वता का परिचय देते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से किसी भी प्रकार का विजय जुलूस न निकालने की अपील की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे जीत के जश्न के बजाय जुमे की नमाज के बाद देश की समृद्धि और शांति के लिए विशेष दुआ करें। उनका यह कदम बांग्लादेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने के एक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
चुनावी तस्वीर: बीएनपी का लैंडस्लाइड प्रदर्शन
मतदान के बाद सामने आ रहे आंकड़ों ने सभी को चौंका दिया है। कुल 300 संसदीय सीटों में से 299 पर मतदान हुआ (एक सीट पर उम्मीदवार की मृत्यु के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया था)। ताजा रिपोर्टों के अनुसार:
- बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP): 198 सीटों पर बढ़त बनाकर पूर्ण बहुमत की ओर अग्रसर है।
- बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी (Jamaat-e-Islami): 62 सीटों पर आगे चलकर दूसरी बड़ी शक्ति के रूप में उभरी है।
- नेशनल सिटीजन पार्टी: 2 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
- अन्य: निर्दलीय और अन्य छोटे दल बाकी सीटों पर संघर्ष कर रहे हैं।
मतगणना अभी भी जारी है, लेकिन यह साफ है कि जनता ने सत्ता परिवर्तन के लिए भारी मतदान किया है।
दक्षिण एशियाई राजनीति पर प्रभाव
बांग्लादेश में बीएनपी की वापसी भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। पिछले डेढ़ दशक से अधिक समय से शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग के साथ भारत के रिश्ते बेहद मजबूत रहे थे। अब तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार के साथ भारत को सुरक्षा, उग्रवाद पर नियंत्रण और व्यापारिक समझौतों पर नए सिरे से संवाद करना होगा। जानकारों का मानना है कि पीएम मोदी की त्वरित बधाई इस बात का संकेत है कि भारत नई सरकार के साथ सकारात्मक संबंधों की शुरुआत करना चाहता है।
आगामी चुनौतियां और अवसर
तारिक रहमान के सामने सबसे बड़ी चुनौती बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान करना और समाज में व्याप्त राजनीतिक ध्रुवीकरण को कम करना है। साथ ही, भारत के साथ तीस्ता जल बंटवारा समझौता और सीमा सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी उन्हें अपनी विदेश नीति को संतुलित रखना होगा।
संपादकीय विश्लेषण
बांग्लादेश के चुनाव परिणाम केवल एक सरकार का बदलना नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत है। तारिक रहमान का निर्वासन से लौटकर सीधे सत्ता के केंद्र तक पहुंचना उनकी राजनीतिक दृढ़ता को साबित करता है। पीएम मोदी का समर्थन यह दर्शाता है कि भारत इस क्षेत्र में स्थिरता चाहता है। यदि दोनों देश अपने साझा इतिहास का सम्मान करते हुए आगे बढ़ते हैं, तो यह न केवल द्विपक्षीय व्यापार के लिए बल्कि दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होगा।
सोशल मीडिया (Tweet)
🤝 पड़ोसियों का साथ! पीएम नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश चुनाव में शानदार जीत पर बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान को दी बधाई। कहा- भारत एक लोकतांत्रिक और समावेशी बांग्लादेश के साथ खड़ा है। 🇧🇩🇮🇳 17 साल बाद लौटे तारिक रहमान ने ढाका-17 से दर्ज की बड़ी जीत। #BangladeshElection #PMModi #TariqueRahman #IndiaBangladesh #BreakingNews
