₹2000 के नोटों की 'घर वापसी' का मिशन अंतिम चरण में—RBI ने जारी किए आंकड़े, 98% नोट सिस्टम में लौटे, अब सिर्फ इतनी रकम जनता के पास
नई दिल्ली, दिनांक: 2 जनवरी 2026 — भारतीय बैंकिंग इतिहास में मुद्रा प्रबंधन (Currency Management) के एक बड़े अध्याय का पटाक्षेप होने जा रहा है। देश में ₹2000 के गुलाबी नोटों को चलन से बाहर करने की प्रक्रिया अब अपने अंतिम और निर्णायक चरण में पहुंच गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस उच्च मूल्य के नोटों की 'घर वापसी' की मुहिम उम्मीद से कहीं ज्यादा सफल रही है।
केंद्रीय बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, कुल जारी किए गए ₹2000 के नोटों में से 98.41 प्रतिशत नोट बैंकिंग सिस्टम में वापस लौट चुके हैं। अब आम जनता के पास केवल 5,669 करोड़ रुपये मूल्य के नोट ही बचे हैं। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि आरबीआई की रणनीति और जनता के सहयोग ने इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से अंजाम दिया है।
मई 2023 का वो फैसला और 'क्लीन नोट पॉलिसी'
आपको याद होगा कि आरबीआई ने 19 मई 2023 को एक बड़ा फैसला लेते हुए ₹2000 के नोटों को धीरे-धीरे चलन से बाहर (Withdrawal form Circulation) करने की घोषणा की थी। यह कदम आरबीआई की 'क्लीन नोट पॉलिसी' के तहत उठाया गया था।
नोटबंदी नहीं, वापसी: महत्वपूर्ण बात यह थी कि 2016 की नोटबंदी के विपरीत, इन नोटों को कभी भी 'अवैध' (Illegal Tender) घोषित नहीं किया गया। इसका मकसद सिर्फ यह था कि इन्हें व्यवस्थित तरीके से बाजार से हटाया जाए, क्योंकि इनका उपयोग लेनदेन में कम और होर्डिंग (जमाखोरी) में ज्यादा हो रहा था।
समय सीमा: लोगों को पर्याप्त समय दिया गया ताकि वे अपने पास मौजूद नोटों को बैंक में जमा कर सकें या छोटे मूल्य के नोटों से बदल सकें।
3.56 लाख करोड़ से 5,669 करोड़ तक का सफर
आंकड़ों की जुबानी इस सफलता की कहानी और भी दिलचस्प लगती है।
शुरुआत: जब ₹2000 के नोटों को वापस लेने की घोषणा की गई थी (19 मई 2023), उस समय बाजार में इनका कुल मूल्य लगभग 3.56 लाख करोड़ रुपये था।
वर्तमान: अब यह आंकड़ा तेजी से घटकर सिर्फ 5,669 करोड़ रुपये पर आ गया है।
इसका मतलब है कि लगभग 3.50 लाख करोड़ रुपये मूल्य के नोट बैंकों में वापस आ चुके हैं। इससे साफ है कि देशभर में लोगों ने आरबीआई की अपील पर भरोसा किया और बड़ी संख्या में नोट बैंकिंग सिस्टम में वापस पहुंचा दिए। इससे बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी (तरलता) भी बढ़ी है।
अब कहां जमा होंगे बचे हुए नोट? (विकल्प अभी भी खुले हैं)
अगर आपके पास अभी भी ₹2000 का कोई नोट बचा हुआ है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। भले ही बैंक शाखाओं में जमा करने की समय सीमा 7 अक्टूबर 2023 को समाप्त हो चुकी है, लेकिन रास्ते अभी बंद नहीं हुए हैं।
RBI के 19 निर्गम कार्यालय: आरबीआई के 19 क्षेत्रीय कार्यालयों (Issue Offices) में आज भी ₹2000 के नोट जमा या बदले जा सकते हैं। ये कार्यालय अहमदाबाद, बेंगलुरु, बेलापुर, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, नई दिल्ली, पटना और तिरुवनंतपुरम में स्थित हैं।
- प्रक्रिया: 9 अक्टूबर 2023 से इन कार्यालयों में नोट सीधे स्वीकार कर संबंधित व्यक्ति या संस्था के बैंक खाते में राशि जमा की जा रही है। एक बार में 20,000 रुपये तक बदलने की सुविधा भी दी गई थी।
डाकघर का सुविधाजनक विकल्प: आरबीआई ने उन लोगों के लिए भी एक बेहतरीन विकल्प दिया है जो आरबीआई के दफ्तरों से दूर रहते हैं।
- इंडिया पोस्ट: आप देश के किसी भी डाकघर (Post Office) के माध्यम से 'इंडिया पोस्ट' की सेवाओं का उपयोग करके अपने ₹2000 के नोट आरबीआई के किसी भी निर्गम कार्यालय में भेज सकते हैं। वहां जांच के बाद राशि सीधे आपके बैंक खाते में क्रेडिट कर दी जाएगी। यह सुविधा ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों के लिए वरदान साबित हुई है।
"नोट अब भी वैध हैं": अफवाहों पर ध्यान न दें
केंद्रीय बैंक ने एक बार फिर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि ₹2000 के नोट पूरी तरह वैध (Legal Tender) हैं। इन्हें न तो अमान्य किया गया है और न ही गैरकानूनी घोषित किया गया है।
- इतिहास: ये नोट नवंबर 2016 की नोटबंदी के बाद जारी किए गए थे ताकि उस समय हुई कैश की कमी को तुरंत पूरा किया जा सके। जैसे-जैसे छोटे नोटों की आपूर्ति बढ़ी, ₹2000 के नोटों की छपाई 2018-19 में ही बंद कर दी गई थी। अब आरबीआई इन्हें चरणबद्ध तरीके से चलन से बाहर कर रहा है।
हमारी राय (The Trending People Analysis)
₹2000 के नोटों की वापसी की यह प्रक्रिया भारतीय अर्थव्यवस्था की परिपक्वता को दर्शाती है। 2016 की अफरा-तफरी के मुकाबले, यह प्रक्रिया बेहद शांत और सुव्यवस्थित रही। 98% से ज्यादा नोटों का वापस आना यह बताता है कि डिजिटल पेमेंट्स (UPI) के दौर में अब लोग उच्च मूल्य के नकद नोटों पर ज्यादा निर्भर नहीं हैं।
The Trending People का विश्लेषण है कि बचे हुए 1.59% नोट शायद उन लोगों के पास हो सकते हैं जो या तो विदेश में हैं, या जिन्होंने इन्हें भूलवश कहीं रख छोड़ा है, या फिर यह काला धन हो सकता है जो सिस्टम में लौटने से डर रहा है। हमारी सलाह है कि अगर आपके पास अब भी ये गुलाबी नोट हैं, तो डाकघर या आरबीआई ऑफिस के जरिए इन्हें जल्द से जल्द जमा करा दें, क्योंकि भले ही ये वैध हैं, लेकिन बाजार में अब ये कागज के टुकड़े से ज्यादा कुछ नहीं हैं। आरबीआई का यह अभियान 'सफल मौद्रिक प्रबंधन' (Successful Monetary Management) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
