आईपीएस किशोर कौशल ने पलामू रेंज के डीआईजी का पदभार संभाला, नक्सल विरोधी अभियान तेज करने के संकेत
झारखंड के पलामू रेंज के नए डीआईजी के रूप में 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी किशोर कौशल ने मंगलवार को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर लिया। पलामू पहुंचने पर डीआईजी कार्यालय में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने अपना कार्यभार संभाला। इस मौके पर पलामू की एसपी रीष्मा रमेशन सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से बातचीत में डीआईजी किशोर कौशल ने कहा कि आम जनता की पुलिस से जो अपेक्षाएं होती हैं—जैसे बेहतर विधि-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और सुरक्षा—उन्हें प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जनता में भरोसा कायम करना और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रखना है।
नक्सल प्रभावित पलामू रेंज को लेकर डीआईजी किशोर कौशल ने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ चल रहे अभियानों को और तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एसपी के नेतृत्व में पहले से ही सुरक्षा बलों द्वारा प्रभावी कार्रवाई की जा रही है और इसमें और मजबूती लाई जाएगी।
गौरतलब है कि आईपीएस किशोर कौशल पलामू रेंज के 34वें डीआईजी हैं। इससे पहले वे जैप-7 के कमांडेंट के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई भी की है। आईपीएस बनने के बाद उन्होंने चतरा में प्रोबेशनर के रूप में कार्य किया और बाद में रामगढ़, दुमका समेत कई जिलों में एसपी के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
हमारी राय
पलामू जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र में अनुभवी और जमीनी प्रशासन को समझने वाले अधिकारी की तैनाती अहम मानी जा रही है। डीआईजी किशोर कौशल का पिछला रिकॉर्ड और फील्ड अनुभव यह संकेत देता है कि कानून-व्यवस्था और नक्सल विरोधी अभियान को नई दिशा मिल सकती है। यदि पुलिस और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बना, तो क्षेत्र में सुरक्षा और विकास दोनों को गति मिल सकती है।
