BJP के नये अध्यक्ष नितिन नवीन को Z श्रेणी की सुरक्षा, CRPF को मिली जिम्मेदारी
नई दिल्ली - केंद्र सरकार ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को शीर्ष श्रेणी की ‘जेड (Z)’ सुरक्षा प्रदान की है। अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि नितिन नवीन की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की वीआईपी सुरक्षा शाखा को सौंपी गई है।
गृह मंत्रालय के निर्देश पर बढ़ाई गई सुरक्षा
अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कुछ सप्ताह पहले ही सीआरपीएफ को नितिन नवीन की सुरक्षा संभालने के निर्देश दिए थे। इसके तहत सशस्त्र और विशेष रूप से प्रशिक्षित सीआरपीएफ कमांडो देशभर में उनकी सभी यात्राओं के दौरान उनके साथ तैनात रहेंगे। यह फैसला उनकी नई भूमिका और संभावित सुरक्षा जोखिमों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
सबसे युवा BJP अध्यक्ष, बढ़ी जिम्मेदारी
45 वर्षीय नितिन नवीन को मंगलवार को औपचारिक रूप से भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया। वह अब तक पांच बार बिहार विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं और पार्टी के शीर्ष पद पर पहुंचने वाले सबसे युवा नेता हैं। ऐसे समय में उनकी नियुक्ति हुई है, जब भाजपा आगामी प्रमुख राज्य विधानसभा चुनावों से पहले संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
पहले भी मिल चुकी है ऐसी सुरक्षा
नितिन नवीन से पहले भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा को भी केंद्र सरकार की ओर से इसी तरह की सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी, जिसकी व्यवस्था भी सीआरपीएफ की वीआईपी सुरक्षा शाखा ने की थी।
Z सुरक्षा क्या होती है?
केंद्रीय सुरक्षा सूची के तहत वीआईपी सुरक्षा कवर की श्रेणियां Z-प्लस (ASL), Z-प्लस, Z, Y, Y-प्लस और X होती हैं। Z श्रेणी की सुरक्षा में आमतौर पर 30 से अधिक सशस्त्र कमांडो शामिल होते हैं।
वर्तमान में सीआरपीएफ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, गांधी परिवार समेत लगभग 200 वीआईपी को सुरक्षा प्रदान कर रहा है।
विशेषज्ञों की राय
सुरक्षा मामलों से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ती ध्रुवीकरण की स्थिति और चुनावी दौर को देखते हुए शीर्ष नेताओं की सुरक्षा को मजबूत करना सरकार की मानक प्रक्रिया का हिस्सा है।
हमारी राय
नितिन नवीन को Z श्रेणी की सुरक्षा मिलना केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि यह उनकी बढ़ती राजनीतिक भूमिका और जिम्मेदारियों को भी दर्शाता है। आगामी चुनावी माहौल में यह कदम न केवल उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि पार्टी के संगठनात्मक कामकाज को भी बिना व्यवधान आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
