सर्राफा बाजार में 'महा-विस्फोट'—सोना 1.50 लाख और चांदी 3.27 लाख के पार, ट्रंप की एक धमकी ने तोड़े महंगाई के सारे रिकॉर्ड
नई दिल्ली/मुंबई, दिनांक: 20 जनवरी 2026 — भारतीय कमोडिटी बाजार के इतिहास में मंगलवार का दिन सुनहरे अक्षरों में नहीं, बल्कि 'आग उगलते' अक्षरों में लिखा जाएगा। घरेलू वायदा बाजार (MCX) में सोने और चांदी की कीमतों ने ऐसी छलांग लगाई है, जिसने पुराने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं और निवेशकों की आंखों में चमक के साथ-साथ दहशत भी भर दी है। सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की अंधी दौड़ के बीच पीली धातु और सफेद धातु, दोनों ने 'ऑल टाइम हाई' (All Time High) का नया शिखर छू लिया है।
दोपहर के कारोबारी सत्र में बाजार में ऐसा भूचाल आया कि फरवरी डिलीवरी वाला सोना 4,300 रुपये से ज्यादा की उछाल के साथ 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के अविश्वसनीय स्तर को पार कर गया। वहीं, चांदी ने तो जैसे रॉकेट की रफ्तार पकड़ ली हो—कीमतें 3.27 लाख रुपये प्रति किलो के पार निकल गईं।
आंकड़ों का तांडव: 17,500 रुपये महंगी हुई चांदी
मंगलवार को बाजार खुलते ही तेजी के संकेत मिल रहे थे, लेकिन दोपहर होते-होते यह तेजी एक 'सुनामी' में बदल गई।
- सोना (Gold): एमसीएक्स पर फरवरी वायदा सोना दोपहर करीब 2:30 बजे 3 फीसदी से अधिक की मजबूती के साथ कारोबार कर रहा था। 1.50 लाख रुपये का आंकड़ा छूना भारतीय बाजार के लिए एक मनोवैज्ञानिक बाधा थी, जो आज टूट गई।
- चांदी (Silver): चांदी ने निवेशकों को सबसे ज्यादा चौंकाया। मार्च डिलीवरी वाली चांदी में एक ही सत्र में 17,500 रुपये से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। यह 5 फीसदी से ज्यादा की जोरदार बढ़त थी, जिसने इसे 3.27 लाख रुपये के स्तर पर पहुंचा दिया।
क्यों लगी बाजार में आग? ट्रंप और 'ट्रेड वार' का साया
इस ऐतिहासिक तेजी के पीछे कोई सामान्य मांग-आपूर्ति का नियम नहीं, बल्कि वैश्विक भू-राजनीति (Geopolitics) का डर है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका और यूरोप के बीच संभावित 'व्यापार युद्ध' (Trade War) की आशंकाओं ने निवेशकों को सोने-चांदी की शरण में जाने पर मजबूर कर दिया है।
ट्रंप की धमकी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने हाल ही में यूरोपीय देशों को टैरिफ (Tariff) लगाने की धमकी दी है।
- ग्रीनलैंड विवाद: इस तनाव की जड़ में ट्रंप का वह पुराना प्रस्ताव है जिसमें उन्होंने ग्रीनलैंड (Greenland) को खरीदने की इच्छा जताई थी। यूरोपीय देशों द्वारा इस प्रस्ताव के कड़े विरोध और मजाक उड़ाए जाने के बाद, ट्रंप ने जवाबी कार्रवाई के तौर पर भारी टैरिफ की चेतावनी दी है।
- अनिश्चितता: इस बयानबाजी ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। जब भी डॉलर या स्टॉक मार्केट पर खतरा मंडराता है, निवेशक जोखिम से बचने के लिए सोने और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर भागते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार: 94 डॉलर के पार चांदी
घरेलू बाजार की तेजी को अंतरराष्ट्रीय बाजार से भी पूरा समर्थन मिल रहा है। एशियाई कारोबार के दौरान कॉमेक्स (COMEX) पर भी कीमती धातुओं की चमक बरकरार रही।
- सिल्वर: कॉमेक्स पर चांदी 94.74 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
- गोल्ड: सोना भी 4,670 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के करीब कारोबार करता दिखा, जो इसके अब तक के उच्चतम स्तर के बेहद नजदीक है। एएफपी (AFP) की रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक बाजारों में 'रिस्क एवर्जन' (जोखिम से बचने) की प्रवृत्ति लगातार मजबूत हो रही है।
क्या यह तेजी टिकेगी?
बाजार के जानकारों का कहना है कि जब तक भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता, तब तक कीमतों में नरमी की उम्मीद कम है।
- सट्टेबाजी: हालांकि, इतनी तेज उछाल में सट्टेबाजी (Speculation) का भी बड़ा हाथ होता है। छोटे निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे इस स्तर पर खरीदारी करने से बचें, क्योंकि मुनाफावसूली आने पर बाजार उतनी ही तेजी से नीचे भी गिर सकता है।
हमारी राय (The Trending People Analysis)
सोना और चांदी अब केवल आभूषण नहीं, बल्कि 'संकट के साथी' बन गए हैं। 1.50 लाख का सोना और 3 लाख की चांदी ने भारतीय मध्यम वर्ग के लिए शादी-ब्याह के बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
The Trending People का विश्लेषण है कि डोनाल्ड ट्रंप की नीतियां वैश्विक अर्थव्यवस्था को अस्थिर कर रही हैं। 'ट्रेड वार' का डर अगर हकीकत में बदला, तो महंगाई और मंदी का दौर शुरू हो सकता है। ऐसे में सोना 2 लाख के स्तर को भी छू ले तो हैरानी नहीं होनी चाहिए। निवेशकों के लिए यह समय 'लालच' का नहीं, बल्कि 'सावधानी' का है।
