जाम से पहले जान लें 'पैमाने' का सच—बीयर, वोदका या व्हिस्की, आखिर किसमें है सबसे ज्यादा नशा? एक बोतल बीयर या एक पेग व्हिस्की, कौन है भारी?
नई दिल्ली, दिनांक: 20 जनवरी 2026 — आधुनिक दौर में शराब का सेवन केवल एक आदत नहीं, बल्कि एक 'सोशल स्टेटस' (Social Status) और सामाजिक चलन बनता जा रहा है। वीकेंड पार्टी हो या दोस्तों की महफिल, शराब का दौर चलना अब आम बात हो गई है। चिंताजनक पहलू यह है कि युवा पीढ़ी बहुत छोटी उम्र से ही इसके प्रति आकर्षित हो रही है। रंग-बिरंगी बोतलें और आकर्षक विज्ञापनों के बीच अक्सर पीने वाले यह भूल जाते हैं कि वे अपने शरीर में क्या डाल रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे शरीर के लिए बेहद नुकसानदेह मानते हैं, लेकिन फिर भी लोग अपनी पसंद के अनुसार अलग-अलग प्रकार की शराब का चुनाव करते हैं। किसी को 'लाइट' बीयर पसंद है, तो कोई 'हार्ड' व्हिस्की का शौकीन है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि बीयर, वोदका और व्हिस्की में से किसमें नशा यानी अल्कोहल की मात्रा (Alcohol by Volume - ABV) सबसे अधिक होती है? क्या बीयर पीना सुरक्षित है और व्हिस्की खतरनाक? आइए आज इस भ्रम को तोड़ते हैं और जानते हैं इन 'ड्रिंक्स' के बीच का असली और वैज्ञानिक अंतर।
1. व्हिस्की (Whiskey): 'जेंटलमैन ड्रिंक' या हार्ड नशा?
व्हिस्की को दुनिया भर में सबसे लोकप्रिय और 'कड़क' शराबों में गिना जाता है। इसे अनाज (जैसे जौ, मक्का, राई) को किण्वित (Ferment) करके और फिर आसवन (Distillation) विधि से तैयार किया जाता है। इसके बाद इसे लकड़ी के पीपों (Casks) में पुराना किया जाता है, जिससे इसका रंग और स्वाद बनता है।
- अल्कोहल की मात्रा: आमतौर पर व्हिस्की में 40% से 50% तक अल्कोहल होता है। यह एक बहुत ही उच्च सांद्रता (Concentration) है।
- भारतीय मानक: भारत में उपलब्ध ज्यादातर लोकप्रिय ब्रांड्स (IMFL) में यह मात्रा 42.8% तय होती है। यानी अगर आप 100 मिली व्हिस्की पी रहे हैं, तो उसमें लगभग 43 मिली शुद्ध अल्कोहल है।
- विशेष प्रकार: कुछ प्रीमियम और 'कास्क स्ट्रेंथ' (Cask Strength) व्हिस्की में यह मात्रा 60% के पार भी जा सकती है, जो इसे बेहद नशीला और ज्वलनशील बनाती है।
2. वोदका (Vodka): 'साफ' दिखने वाला धोखा
वोदका को अक्सर 'साफ और तेज' शराब माना जाता है। यह देखने में पानी जैसा लगता है और इसमें कोई विशेष गंध नहीं होती, इसलिए युवाओं में कॉकटेल बनाने के लिए यह पहली पसंद है। इसे आलू, अनाज या फलों के आसवन से बनाया जाता है।
- अल्कोहल की मात्रा: इसमें सामान्यतः 35% से 50% अल्कोहल होता है।
- औसत: बाजार में मिलने वाली ज्यादातर वोदका में 40% अल्कोहल पाया जाता है, जो व्हिस्की के बराबर ही है।
- खतरा: कुछ विदेशी और खास ब्रांड्स में इसकी मात्रा बहुत अधिक (95% तक) हो सकती है। इसे 'रेक्टिफाइड स्पिरिट' के करीब माना जाता है। ऐसी वोदका को सीधे पीना जानलेवा हो सकता है, इसलिए इसे हमेशा जूस या अन्य पेय पदार्थों के साथ मिलाकर (Dilute) ही इस्तेमाल किया जाता है। इसका 'न्यूट्रल टेस्ट' अक्सर लोगों को धोखा देता है और वे अनजाने में ज्यादा पी जाते हैं।
3. बीयर (Beer): क्या वाकई यह 'हल्का' नशा है?
बीयर दुनिया का तीसरा सबसे लोकप्रिय पेय है (पानी और चाय के बाद)। इसे जौ और हॉप्स से बनाया जाता है। बीयर में अल्कोहल की मात्रा अन्य कड़क शराबों की तुलना में काफी कम होती है, इसलिए लोग इसे 'सॉफ्ट' मानकर ज्यादा पीते हैं।
- लाइट/माइल्ड बीयर: इसमें मात्र 4% से 5% अल्कोहल होता है।
- स्ट्रॉन्ग बीयर: भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाली 'स्ट्रॉन्ग' बीयर में 6% से 8% तक अल्कोहल पाया जाता है।
- क्राफ्ट बीयर: आजकल चलन में आई कुछ खास क्राफ्ट बीयर (Craft Beer) में यह मात्रा 12% तक हो सकती है।
भले ही प्रतिशत कम है, लेकिन बीयर का सेवन 'लीटर' में किया जाता है, जबकि व्हिस्की या वोदका 'मिलीलीटर' (पेग) में। यही वह गणित है जहां लोग मात खा जाते हैं।
तुलना: कौन है सबसे ज्यादा नशीला? (The Real Calculation)
अगर हम सीधी प्रतिशत की तुलना करें, तो व्हिस्की और वोदका दोनों ही 'हार्ड ड्रिंक्स' (Hard Drinks) की श्रेणी में आती हैं और इनमें बीयर की तुलना में लगभग 5 से 10 गुना ज्यादा अल्कोहल होता है।
लेकिन, मात्रा का खेल समझिए:
- एक बीयर की बोतल (650 मिली) में अगर 8% अल्कोहल है, तो कुल अल्कोहल = 52 मिली।
- एक बड़े पेग (60 मिली) व्हिस्की में अगर 42.8% अल्कोहल है, तो कुल अल्कोहल = 25.6 मिली।
इसका मतलब है कि एक पूरी 'स्ट्रॉन्ग बीयर' की बोतल पीने पर आपके शरीर में दो बड़े पेग व्हिस्की के बराबर अल्कोहल चला जाता है। इसलिए यह सोचना गलत है कि बीयर से नशा कम होता है; यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप 'कितना' पी रहे हैं।
हमारी राय (The Trending People Analysis)
शराब चाहे महंगी हो या सस्ती, कम अल्कोहल वाली हो या ज्यादा—उसका अंतिम परिणाम शरीर के अंगों (लिवर, किडनी, मस्तिष्क) को नुकसान पहुंचाना ही है। युवाओं में यह गलतफहमी है कि वोदका या बीयर 'सेफ' हैं।
The Trending People का विश्लेषण है कि 'जिम्मेदार ड्रिंकिंग' (Responsible Drinking) का मतलब केवल गाड़ी न चलाना नहीं है, बल्कि अपनी सीमाएं जानना भी है। व्हिस्की और वोदका का हाई अल्कोहल कंटेंट तुरंत नशा देता है और डिहाइड्रेशन बढ़ाता है, जबकि बीयर का कैलोरी कंटेंट मोटापे (Beer Belly) का कारण बनता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय में, अल्कोहल का कोई भी स्तर पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। इसलिए, ट्रेंडी दिखने के चक्कर में अपनी सेहत से खिलवाड़ न करें।
