नीलामी के लिए तैयार है क्रिकेट का 'पवित्र प्याला'—सर डोनाल्ड ब्रैडमैन की 'बैगी ग्रीन' कैप पर लगेगी बोली, भारत से है इसका 78 साल पुराना नाताPhoto Source: THE HINDU ARCHIVES
मेलबर्न/नई दिल्ली, [दिनांक: 30 दिसंबर 2025 — क्रिकेट की दुनिया के लिए यह किसी त्योहार से कम नहीं है। खेल के इतिहास के सबसे महान बल्लेबाज और आंकड़ों के 'एवरेस्ट' कहे जाने वाले सर डोनाल्ड ब्रैडमैन (Sir Donald Bradman) की एक बेहद दुर्लभ और ऐतिहासिक धरोहर दुनिया के सामने आ रही है। अगले महीने, ब्रैडमैन की प्रतिष्ठित ऑस्ट्रेलिया टेस्ट कैप, जिसे प्यार से "बैगी ग्रीन" (Baggy Green) कहा जाता है, नीलामी के लिए उपलब्ध होगी।
यह कैप महज कपड़े का एक टुकड़ा नहीं है, बल्कि क्रिकेट इतिहास का एक ऐसा दस्तावेज है जिसने कई रिकॉर्ड बनते और टूटते देखे हैं। लायड्स ऑक्शन्स (Lloyds Auctions) द्वारा आयोजित की जा रही इस नीलामी ने दुनिया भर के खेल प्रेमियों और कलेक्टर्स के कान खड़े कर दिए हैं। हालांकि बोली प्रतीकात्मक रूप से $1 से शुरू होगी, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम हथौड़ा बजते-बजते यह रकम आसमान छू सकती है। नीलामी प्रक्रिया 26 जनवरी 2026 को बंद होगी।
70 साल का वनवास और एक दोस्ती की निशानी
इस कैप की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम दिलचस्प नहीं है। यह कैप पिछले 70 से अधिक वर्षों से सार्वजनिक नज़रों से ओझल थी।
तोहफा: सर डोनाल्ड ब्रैडमैन ने अपनी यह टेस्ट कैप अपने एक साथी टेस्ट खिलाड़ी और करीबी दोस्त को निजी तौर पर उपहार में दी थी।
गुप्त खजाना: तब से लेकर अब तक, यह कैप उस परिवार के पास एक अनमोल खजाने की तरह सुरक्षित रखी गई थी। इसे कभी भी नीलामी के लिए नहीं रखा गया और न ही किसी प्रदर्शनी में दिखाया गया।
लायड्स ऑक्शन्स के ली हेम्स ने इसकी महत्ता बताते हुए कहा, "यह क्रिकेट इतिहास का एक असली और दुर्लभ टुकड़ा है। इसे खुद 'द डॉन' ने गिफ्ट किया था। 75 वर्षों तक एक ही परिवार के पास इसका सुरक्षित रहना और ब्रैडमैन से इसका सीधा जुड़ाव इसे अब तक की सबसे महत्वपूर्ण खेल स्मरणीय वस्तुओं (Sports Memorabilia) में से एक बनाता है।"
भारत से जुड़ा है भावुक कनेक्शन: 1947 की वो सीरीज
भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए इस कैप का महत्व और भी खास है। यह वही कैप है जिसे पहनकर ब्रैडमैन ने 1947-48 में भारतीय टीम का सामना किया था।
ऐतिहासिक दौरा: यह वह दौर था जब लाला अमरनाथ की कप्तानी में आजाद भारत की टीम अपने पहले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई थी।
ब्रैडमैन का बल्ला: उस सीरीज में ब्रैडमैन का बल्ला आग उगल रहा था। उन्होंने इस कैप को पहनकर छह पारियों में 715 रन बनाए थे। उस सीरीज में उनका औसत 178.75 का था। यानी इस कैप के रेशे-रेशे में भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ बनाए गए उन रनों की यादें बसी हैं।
क्या टूटेगा शेन वॉर्न का रिकॉर्ड?
क्रिकेट मेमोरैबिलिया के बाजार में 'बैगी ग्रीन' का दर्जा सबसे ऊपर है। अब तक किसी भी क्रिकेट कैप के लिए सबसे ऊंची बोली का रिकॉर्ड महान लेग स्पिनर शेन वॉर्न (Shane Warne) के नाम है।
- पिछला रिकॉर्ड: 2019-20 में ऑस्ट्रेलियाई जंगलों की आग (Bushfire) पीड़ितों के लिए फंड जुटाने के मकसद से वॉर्न की कैप नीलाम की गई थी, जिसे $1,007,500 (करीब 10 लाख डॉलर) में कॉमनवेल्थ बैंक ने खरीदा था।
विश्लेषकों का मानना है कि ब्रैडमैन का कद और इस कैप का ऐतिहासिक महत्व (विशेषकर 1948 की 'अजेय' टीम के दौर का होना) वॉर्न के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर सकता है। दुनिया भर के म्यूजियम, निजी कलेक्टर्स और निवेश संस्थाएं इस पर नजर गड़ाए बैठी हैं।
'द डॉन' का करियर: एक नजर में
आज की पीढ़ी के लिए ब्रैडमैन के आंकड़े किसी चमत्कार से कम नहीं लगते।
- जीवन: 27 अगस्त 1908 (न्यू साउथ वेल्स) – 25 फरवरी 2001 (एडिलेड)।
- टेस्ट करियर: 52 टेस्ट मैचों की 80 पारियों में उन्होंने 6996 रन बनाए।
- जादुई औसत: उनका बल्लेबाजी औसत 99.94 का रहा, जो क्रिकेट इतिहास में किसी भी बल्लेबाज द्वारा हासिल किया गया सर्वाधिक औसत है और शायद कभी न टूट पाए।
- शतक: उन्होंने 29 शतक और 13 अर्धशतक जड़े। यानी हर तीसरी पारी में वे शतक बनाते थे।
- फर्स्ट क्लास: 234 मैचों में 95.14 की औसत से 28,067 रन और 117 शतक।
ब्रैडमैन ने नवंबर 1928 में इंग्लैंड के खिलाफ ब्रिसबेन टेस्ट से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज किया था।
हमारी राय
सर डोनाल्ड ब्रैडमैन की कैप की नीलामी केवल एक व्यापारिक घटना नहीं है, बल्कि यह खेल की विरासत को सहेजने का एक मौका है। 99.94 का औसत रखने वाले खिलाड़ी की निजी वस्तु का मूल्य पैसे में नहीं आंका जा सकता।
The Trending People का मानना है कि ऐसी ऐतिहासिक वस्तुओं को किसी निजी तिजोरी में बंद होने के बजाय किसी सार्वजनिक संग्रहालय (Museum) या क्रिकेट हॉल ऑफ फेम का हिस्सा बनना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उस 'जादू' को महसूस कर सकें। 1947 की भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज की गवाह रही यह कैप दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों का भी एक मौन स्मारक है। 26 जनवरी 2026 को जब बोली बंद होगी, तो दुनिया देखेगी कि इतिहास की कीमत क्या होती है।
