चंडीगढ़ में कोहरे की 'सर्जिकल स्ट्राइक'—हवाई और रेल सफर पर लगा ब्रेक, 14 फ्लाइट्स रद्द, शताब्दी ने यात्रियों को 5 घंटे रुलाया
चंडीगढ़, दिनांक: 30 दिसंबर 2025 — 'सिटी ब्यूटीफुल' चंडीगढ़ इन दिनों घने कोहरे (Dense Fog) और धुंध की सफेद चादर में लिपटा हुआ है। कुदरत की इस मार का सीधा असर शहर की कनेक्टिविटी पर पड़ा है। शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (SBSI Airport) से लेकर रेलवे स्टेशन तक, हर जगह यात्रियों की परेशानी का आलम है। विजिबिलिटी (दृश्यता) कम होने के कारण मंगलवार को 14 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि ट्रेनों की रफ्तार पर भी कोहरे ने जोरदार ब्रेक लगा दिया है।
हवाई अड्डे के सीईओ अजय वर्मा ने पुष्टि की है कि सुबह के समय दृश्यता बेहद कम होने के कारण उड़ानों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
हवाई सफर: रनवे पर सन्नाटा, यात्रियों का हंगामा
कोहरे के कारण चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।
- रद्द उड़ानें: कुल 14 फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं। इनमें चंडीगढ़ आने वाली 5 और यहां से उड़ान भरने वाली 9 फ्लाइट्स शामिल हैं।
- देरी: मुंबई, गोवा, जयपुर और अहमदाबाद जैसे प्रमुख शहरों के लिए आधा दर्जन से अधिक फ्लाइट्स ने अपने तय समय से काफी देरी से उड़ान भरी। कई यात्री एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार करते नजर आए।
ट्रेनों की चाल बिगड़ी: शताब्दी और हावड़ा मेल का बुरा हाल
रेलवे का हाल भी बेहाल है। कोहरे ने सुपरफास्ट ट्रेनों को भी पैसेंजर ट्रेन बना दिया है।
- शताब्दी एक्सप्रेस: नई दिल्ली से चंडीगढ़ आने वाली प्रीमियम ट्रेन शताब्दी एक्सप्रेस, जिसका आगमन समय सुबह 11 बजे है, वह करीब 4 घंटे 45 मिनट की देरी से दोपहर 3:45 बजे स्टेशन पहुंची।
- हावड़ा मेल: हावड़ा से वाया चंडीगढ़ होकर कालका जाने वाली ऐतिहासिक हावड़ा मेल अपने तय समय से 12 घंटे लेट रही।
- ऊंचाहार एक्सप्रेस: यह ट्रेन सुबह 9:15 बजे की जगह रात 7:30 बजे पहुंची, यानी 10 घंटे से ज्यादा की देरी।
इसके अलावा, सद्भावना सुपरफास्ट और केरल संपर्क क्रांति भी 4-4 घंटे की देरी से चल रही हैं।
हमारी राय
उत्तर भारत में कोहरा हर साल की समस्या है, लेकिन इसके सामने हमारा ट्रांसपोर्ट सिस्टम हर बार लाचार नजर आता है। इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (CAT-III) होने के बावजूद फ्लाइट्स का रद्द होना चिंताजनक है।
The Trending People का मानना है कि यात्रियों को घर से निकलने से पहले अपनी फ्लाइट और ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक कर लेना चाहिए। रेलवे और एयरपोर्ट अथॉरिटी को भी यात्रियों के लिए बेहतर वेटिंग रूम और सूचना तंत्र की व्यवस्था करनी चाहिए, क्योंकि मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक राहत के आसार कम हैं।
