दिल्ली की रफ्तार पर 'सफेद और काले' कोहरे का ब्रेक—148 उड़ानें रद्द, हवा हुई 'गंभीर', नए साल के जश्न पर मौसम की बुरी नजर
नई दिल्ली, दिनांक: 31 दिसंबर 2025 — साल 2025 का आखिरी दिन देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर (NCR) के लिए आफत बनकर आया है। बुधवार की सुबह दिल्लीवासी जब सोकर उठे, तो उन्हें सूरज की किरणें नहीं, बल्कि घने कोहरे (Dense Fog) और जहरीले प्रदूषण (Smog) की एक मोटी चादर मिली। मौसम की इस 'दोहरी मार' ने जमीन से लेकर आसमान तक यातायात की कमर तोड़ दी है। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) पर विमानों का पहिया थम गया है, तो रेलवे पटरियों पर ट्रेनें रेंग रही हैं।
विजिबिलिटी (दृश्यता) इतनी कम हो गई कि हाथ को हाथ नहीं सूझ रहा था। इस बीच, मौसम विभाग (IMD) ने नए साल के पहले दिन के लिए भी खतरे की घंटी बजाते हुए 'येलो अलर्ट' जारी कर दिया है।
हवाई सफर: रनवे पर सन्नाटा, 148 उड़ानें ग्राउंडेड
कोहरे का सबसे विनाशकारी असर हवाई सेवाओं पर पड़ा है। दिल्ली एयरपोर्ट, जो देश का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है, वहां अफरा-तफरी का माहौल है।
- रद्द उड़ानें: आंकड़ों के मुताबिक, घने कोहरे के कारण कुल 148 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इनमें 70 उड़ानें दिल्ली से उड़ान भरने वाली (Departures) थीं, जबकि 78 उड़ानें दिल्ली पहुंचने वाली (Arrivals) थीं।
- डायवर्जन: स्थिति इतनी खराब थी कि हवा में चक्कर काट रहे दो विमानों को लैंडिंग की अनुमति नहीं मिली और उन्हें दूसरे नजदीकी एयरपोर्ट्स पर डायवर्ट करना पड़ा।
विजिबिलिटी का हाल: सुबह 8:30 बजे के करीब सामान्य विजिबिलिटी गिरकर मात्र 250 मीटर रह गई थी। हालांकि, रनवे विजुअल रेंज (RVR) 600 से 1000 मीटर के बीच फ्लक्चुएट कर रही थी, लेकिन यह सुरक्षित उड़ान संचालन के लिए पर्याप्त नहीं थी। यात्री टर्मिनलों पर फंसे हुए हैं और एयरलाइंस के काउंटरों पर भारी हंगामा देखने को मिल रहा है।
इंडिगो की एडवाइजरी: "घर से निकलें तो स्टेटस चेक करें"
इस स्थिति को देखते हुए देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) ने यात्रियों के लिए एक जरूरी ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। एयरलाइन ने स्पष्ट कहा है कि कम विजिबिलिटी के कारण दिल्ली और उत्तर भारत के कई हवाई अड्डों (जैसे अमृतसर, चंडीगढ़, लखनऊ) पर उड़ानों में देरी होना तय है।
सलाह: यात्रियों से अपील की गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस ऑनलाइन जरूर चेक करें और सुरक्षा जांच में लगने वाले समय को देखते हुए समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचें।
ट्रेनों की 'कछुआ चाल': स्टेशनों पर ठिठुरते यात्री
कोहरे का कहर सिर्फ आसमान तक सीमित नहीं है, जमीन पर भी इसका असर दिख रहा है। भारतीय रेलवे की समय सारिणी (Time Table) पूरी तरह से गड़बड़ा गई है।
- देरी: कई लंबी दूरी की राजधानी और एक्सप्रेस ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 4 से 10 घंटे की देरी से चल रही हैं।
- यात्री परेशान: नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली और आनंद विहार जैसे प्रमुख स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म यात्रियों से खचाखच भरे हैं। कड़ाके की ठंड में बच्चों और बुजुर्गों का स्टेशनों पर घंटों इंतजार करना किसी सजा से कम नहीं है। रोजमर्रा के काम के लिए एनसीआर से दिल्ली आने वाले दैनिक यात्रियों (Daily Commuters) को भी भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
प्रदूषण का 'गैस चैंबर': हवा हुई जहरीली
कोहरे के साथ-साथ प्रदूषण ने दिल्ली को 'गैस चैंबर' बना दिया है। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम (AQEWS) ने चिंताजनक आंकड़े पेश किए हैं।
- गंभीर श्रेणी: सिस्टम के मुताबिक, 31 दिसंबर और 1 जनवरी को दिल्ली की हवा ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में रह सकती है। कई इलाकों में AQI 400 के पार जा चुका है।
- कारण: मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवा की गति बेहद कम (10 किमी/घंटा से नीचे) है और वेंटिलेशन इंडेक्स 6,000 वर्ग मीटर प्रति सेकंड से नीचे गिर गया है। इसका मतलब है कि प्रदूषक तत्व (Pollutants) बिखर नहीं पा रहे हैं और जमीन के करीब जम गए हैं। यह स्थिति सांस और दिल के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक है।
IMD का येलो अलर्ट: अभी राहत की उम्मीद नहीं
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी करते हुए चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक हालात सुधरने के आसार कम हैं। कोहरा पहले के मुकाबले ज्यादा घना (Dense) हो गया है और तापमान में गिरावट जारी रहेगी। नए साल का जश्न कड़ाके की ठंड और जहरीली हवा के बीच मनेगा।
हमारी राय
दिल्ली-एनसीआर के लिए साल का अंत और नए साल का आगाज एक गंभीर चुनौती लेकर आया है। यह केवल मौसम की मार नहीं, बल्कि हमारे शहरी प्रबंधन की विफलता भी है। हर साल हम इसी कोहरे और प्रदूषण का रोना रोते हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकलता।
The Trending People का विश्लेषण है कि कोहरा एक प्राकृतिक घटना है, लेकिन उससे निपटने के लिए हमारे पास जो तकनीकी तंत्र (CAT-III सिस्टम) है, वह भी कई बार नाकाफी साबित होता है। 148 उड़ानों का रद्द होना हजारों लोगों की योजनाओं और अर्थव्यवस्था पर चोट है। साथ ही, 'गंभीर' श्रेणी की हवा में नए साल का जश्न मनाना सेहत के साथ खिलवाड़ है। प्रशासन को रैन बसेरों और अलाव के इंतजाम पुख्ता करने चाहिए, और नागरिकों को हमारी सलाह है कि जश्न मनाएं, लेकिन घर की सुरक्षा के भीतर।
