Share Market Update: 5 दिन की रिकॉर्ड तेजी के बाद शेयर बाजार 'धड़ाम', सेंसेक्स 607 अंक टूटा, निवेशकों के 1.35 लाख करोड़ स्वाहा
मुंबई (आर्थिक डेस्क विशेष): लगातार पांच दिनों की शानदार तेजी के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। मुनाफावसूली के इस भारी दबाव के चलते दलाल स्ट्रीट पर निवेशकों के चंद घंटों में ही 1.35 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा डूब गए।
सेंसेक्स और निफ्टी का गोता
'अमर उजाला' की आर्थिक कवरेज और बाजार के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स 832 अंक का भारी गोता लगाकर 76,578.08 के निचले स्तर पर आ गया था। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स 607.08 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 76,802.90 पर बंद हुआ। निफ्टी भी शुरुआती झटके में 229 अंक टूटने के बाद, 154.90 अंक फिसलकर 24,013.10 के स्तर पर बंद हुआ। ज्ञात हो कि गुरुवार को सेंसेक्स 77,409 की ऊंचाई पर बंद हुआ था।
कच्चे तेल और रुपये की चाल
शेयर बाजार में गिरावट के बीच वैश्विक मोर्चे से कुछ राहत भी मिली है। पश्चिम एशिया में जारी शांति प्रयासों (विशेषकर अमेरिका-ईरान वार्ता) के कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी है। ब्रेंट क्रूड 0.58% गिरकर 79.39 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। इसका सीधा फायदा भारतीय रुपये को मिला, जो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 10 पैसे की मजबूती के साथ 94.30 पर ट्रेड कर रहा था।
हमारी राय में
hindi.thetrendingpeople.com के आर्थिक डेस्क के अनुसार, लगातार पांच दिन की तेजी के बाद बाजार में 'प्रॉफिट बुकिंग' (मुनाफावसूली) आना एक सामान्य तकनीकी प्रक्रिया है। इसे मंदी का संकेत नहीं मानना चाहिए। सस्ता होता कच्चा तेल और मजबूत होता रुपया भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहद सकारात्मक संकेत हैं। यह गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मजबूत 'फंडामेंटल' वाले स्टॉक्स में खरीदारी (Buy on Dips) का एक शानदार अवसर साबित हो सकती है।
