FIFA World Cup 2026: 'जादूगर' मेसी की ऐतिहासिक हैट्रिक, 200वें मैच में अल्जीरिया को 3-0 से रौंदकर अर्जेंटीना का 'विजेता' शंखनाद
न्यूयॉर्क (विशेष रिपोर्ट): अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में चल रहे फुटबॉल के महाकुंभ 'फीफा वर्ल्ड कप 2026' (FIFA World Cup 2026) का आगाज उसी जादुई अंदाज में हुआ है, जिसकी उम्मीद पूरी दुनिया कर रही थी। 2022 में कतर की धरती पर विश्व विजेता का ताज पहनने वाली डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना (Argentina) ने अपने खिताब को बचाने के अभियान की शुरुआत एक बेहद धमाकेदार और एकतरफा जीत के साथ की है।
ग्रुप-जे (Group J) के अपने पहले और बेहद अहम मुकाबले में अर्जेंटीना ने अफ्रीकी चुनौती अल्जीरिया (Algeria) को 3-0 के भारी अंतर से रौंद दिया है। इस शानदार जीत के अकेले और निर्विवाद नायक रहे फुटबॉल के 'गोट' (GOAT - Greatest of All Time) और अर्जेंटीना के करिश्माई कप्तान लियोनेल मेसी (Lionel Messi)। अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का 200वां मैच खेल रहे मेसी ने मैदान पर कदम रखते ही एक ऐसा महा-रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया, जो फुटबॉल इतिहास में आज तक कोई नहीं कर पाया था। वह 6 अलग-अलग विश्व कप खेलने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। उम्र को महज एक नंबर साबित करते हुए उन्होंने मैदान पर ऐसा तूफान खड़ा किया, जिसमें अल्जीरिया का पूरा डिफेंस तिनके की तरह उड़ गया। उन्होंने मुकाबले में तीन शानदार गोल दागकर न सिर्फ अपनी हैट्रिक पूरी की, बल्कि फुटबॉल इतिहास के कई बड़े रिकॉर्ड्स भी ध्वस्त कर दिए।
पहले हाफ का रोमांच: आक्रामक शुरुआत और मेसी का पहला प्रहार
मुकाबले की सीटी बजते ही ला अल्बिसेलेस्टे (La Albiceleste - अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम का उपनाम) ने अपनी नीयत साफ कर दी थी। अर्जेंटीना ने शुरुआत से ही 'टोटल फुटबॉल' और आक्रामक रणनीति का मुजाहिरा पेश किया।
डिफेंडिंग चैंपियन के स्ट्राइकर्स के लगातार दबाव का नतीजा मैच के 17वें मिनट में ही देखने को मिल गया। कप्तान लियोनेल मेसी को बॉक्स के ठीक बाहर एक पास मिला। मेसी ने गेंद को अपने विश्व प्रसिद्ध बाएं पैर पर सेट किया और एक ऐसा बिजली की गति वाला बेहतरीन शूट लिया, जिसे रोकना किसी भी कीपर के लिए नामुमकिन था। अल्जीरिया के गोलकीपर लुका जिदान (Luca Zidane) ने हवा में छलांग तो लगाई, लेकिन गेंद उन्हें पूरी तरह से छकाते हुए सीधे गोल पोस्ट के टॉप कॉर्नर में जा घुसी।
इस मुकाबले से पहले मेसी के नाम 26 विश्व कप मुकाबलों में 13 गोल दर्ज थे, लेकिन यह उनका इस मेगा इवेंट में 14वां गोल था। इस गोल से पहले भी इसी हाफ में मेसी ने एक बार गेंद को नेट में डाल दिया था, लेकिन वीएआर (VAR) और लाइन रेफरी ने उस मूव को 'ऑफ साइड' करार देते हुए गोल को अमान्य कर दिया था। हाफ टाइम तक स्कोर 1-0 ही रहा।
दूसरा हाफ: 'द मेसी शो', हैट्रिक और स्टैंडिंग ओवेशन
अगर पहला हाफ अर्जेंटीना के दबदबे का ट्रेलर था, तो दूसरा हाफ पूरी तरह से 'द मेसी शो' (The Messi Show) साबित हुआ। मैच के 60वें मिनट में मैक एलिस्टर ने बॉक्स के अंदर से एक बेहद ताकतवर शॉट अल्जीरियाई गोल की तरफ दागा। गोलकीपर लुका जिदान ने शॉट को रोक तो लिया, लेकिन वह गेंद को पूरी तरह से नियंत्रित नहीं कर सके। रिबाउंड (Rebound) पर पहुंचे लियोनेल मेसी ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोल पोस्ट में धकेल दिया।
लेकिन मेसी यहीं रुकने वाले नहीं थे। मैच के 76वें मिनट में उन्होंने बॉक्स के बाहर से मिली एक चुनौतीपूर्ण गेंद को अपने बाएं पैर से खेलते हुए गोल पोस्ट के अंदर पहुंचा दिया। इसके साथ ही मेसी ने न केवल इस मुकाबले में अपनी गोल की हैट्रिक पूरी की, बल्कि अर्जेंटीना की 3-0 से जीत पर आधिकारिक मुहर भी लगा दी।
अपना काम बाखूबी पूरा करने के बाद, मैच के 80वें मिनट में जब मेसी को सब्स्टीट्यूट (Substitute) कर मैदान से बाहर बुलाया गया, तो पूरे स्टेडियम ने अपनी जगह पर खड़े होकर (Standing Ovation) तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस 'महानायक' का अभिवादन किया।
इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ मेसी का नाम: क्लोज के महा-रिकॉर्ड की बराबरी
यह मुकाबला केवल एक विश्व कप जीत तक सीमित नहीं रहा; यह फुटबॉल के रिकॉर्ड बुक्स के दोबारा लिखे जाने का दिन था। यह लियोनेल मेसी का 200वां अंतरराष्ट्रीय मुकाबला था, और उन्होंने इसे एक ऐसी हैट्रिक के साथ यादगार बनाया जिसे सदियों तक याद रखा जाएगा।
इस हैट्रिक के साथ सबसे बड़ा कीर्तिमान जो स्थापित हुआ, वह था फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड। मेसी ने इस मेगा इवेंट में अपने गोलों की संख्या 16 पहुंचा दी है। इसके साथ ही उन्होंने जर्मनी के महान स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोज (Miroslav Klose) के वर्ल्ड कप में 16 गोल दागने के ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। अब मेसी केवल एक गोल दूर हैं, वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे सफल गोलस्कोरर का निर्विवाद ताज पहनने से।
आंकड़ों की बात करें तो मेसी के सुनहरे करियर की यह 61वीं हैट्रिक थी, जबकि अर्जेंटीना की जर्सी में खेलते हुए उन्होंने 11वीं बार एक ही मैच में तीन गोल दागने का यह अद्भुत कारनामा किया है।
वैश्विक मीडिया और दिग्गजों की प्रतिक्रिया
इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद वैश्विक खेल मीडिया में भूचाल आ गया है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी 'बीबीसी स्पोर्ट' (BBC Sport) ने अपनी मैच एनालिसिस रिपोर्ट में लिखा है, "लियोनेल मेसी ने समय को मात दे दी है। 38 साल की उम्र में 6 अलग-अलग विश्व कप खेलना और हैट्रिक लगाना यह साबित करता है कि वह किसी और ही ग्रह के खिलाड़ी हैं।"
वहीं, भारत के प्रमुख समाचार पत्र 'अमर उजाला' ने अपने खेल पृष्ठ पर इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए लिखा है, "कतर की आग अमेरिका में भी धधक रही है। मेसी की यह हैट्रिक इस बात का ऐलान है कि अर्जेंटीना यहाँ सिर्फ हिस्सा लेने नहीं, बल्कि लगातार दूसरा विश्व कप जीतने आई है।"
हमारी राय में
hindi.thetrendingpeople.com के खेल संपादकीय डेस्क की राय में, अर्जेंटीना और अल्जीरिया का यह मैच एक आम विश्व कप मुकाबला नहीं था, बल्कि यह एक लीजेंड की अमरता का गवाह था। जब कोई खिलाड़ी अपना 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेलता है, तो आमतौर पर उसकी गति और चुस्ती पर उम्र का असर दिखने लगता है, लेकिन मेसी के मामले में मानो उम्र पीछे की तरफ जा रही है। एक ही मैच में 6 विश्व कप खेलने का रिकॉर्ड बनाना, अपनी 61वीं हैट्रिक लगाना और मिरोस्लाव क्लोज के 16 गोलों के महा-रिकॉर्ड की बराबरी करना यह दर्शाता है कि निरंतरता और जुनून का दूसरा नाम ही मेसी है। 80वें मिनट में उन्हें मिला 'स्टैंडिंग ओवेशन' इस बात का प्रमाण है कि फुटबॉल फैंस उनके 'लास्ट डांस' के हर पल को जी लेना चाहते हैं। अब पूरे विश्व की निगाहें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या मेसी अगले मैच में क्लोज का रिकॉर्ड तोड़कर फुटबॉल के भगवानों के भी भगवान बन पाएंगे!
