श्रीलंका और पहलगाम हमलों के बीच समानता, रिपोर्ट में बड़ा दावा
International Desk। हाल ही में सामने आए एक विश्लेषण में Sri Lanka Easter Bombings और पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए हमले के बीच संभावित कनेक्शन की बात कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों घटनाओं में एक जैसी सोच और रणनीति देखने को मिलती है, जिससे वैश्विक आतंकी नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है।
श्रीलंका हमला: चर्च और होटल बने निशाना
2019 में श्रीलंका में ईस्टर के दिन हुए सिलसिलेवार धमाकों में 269 लोगों की मौत हुई थी। इन हमलों में चर्च और लग्जरी होटलों को निशाना बनाया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका उद्देश्य सिर्फ जान-माल का नुकसान नहीं बल्कि देश की शांति और पर्यटन उद्योग को कमजोर करना भी था।
पहलगाम हमला: धर्म के आधार पर हत्या
इसी तरह 2025 में पहलगाम में हुए हमले में आतंकियों ने 26 लोगों को धर्म के आधार पर अलग कर गोली मार दी। रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले को The Resistance Front (TRF) से जोड़ा गया है, जिसे लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी माना जाता है।
समान रणनीति: डर और अस्थिरता फैलाना
विश्लेषण में कहा गया है कि दोनों हमलों का मकसद केवल लोगों में डर फैलाना नहीं था, बल्कि संबंधित क्षेत्रों की सामाजिक स्थिरता और आर्थिक विकास को नुकसान पहुंचाना भी था।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के हमले अक्सर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े नेटवर्क और विचारधारा का हिस्सा होते हैं, जहां अलग-अलग क्षेत्रों में एक जैसी रणनीति अपनाई जाती है।
वैश्विक सुरक्षा के लिए बढ़ती चुनौती
इस रिपोर्ट ने एक बार फिर वैश्विक आतंकवाद के खतरे को उजागर किया है। यह संकेत देता है कि आतंकवादी संगठन अब सीमाओं से परे जाकर एक साझा एजेंडा के तहत काम कर रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं।
हमारी राय में
श्रीलंका और पहलगाम जैसे हमलों के बीच समानता का सामने आना वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर संकेत है। यह जरूरी है कि देशों के बीच खुफिया सहयोग और आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति को और मजबूत किया जाए। ऐसे हमलों का मुकाबला केवल सैन्य स्तर पर नहीं, बल्कि विचारधारा और नेटवर्क दोनों स्तरों पर करना होगा।