नरेंद्र मोदी के 28-29 अप्रैल को प्रस्तावित वाराणसी दौरे को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस में अधिकारियों और मंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक कर इसे ऐतिहासिक बनाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री इस बार महिला शक्ति से सीधा संवाद करेंगे, इसलिए सभी व्यवस्थाएं विशेष रूप से दुरुस्त रखी जाएं। उन्होंने गर्मी और तेज धूप को देखते हुए कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त इंतजाम करने और रूट डायवर्जन को सुचारू रखने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो।
इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री करीब 6356 करोड़ रुपये की 150 से अधिक परियोजनाओं की सौगात देंगे, जिनमें 108 शिलान्यास और 47 लोकार्पण शामिल हैं। इनमें भगवानपुर स्थित 55 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का लोकार्पण भी होगा, जिससे गंगा में गिरने वाले प्रदूषण को काफी हद तक रोका जा सकेगा।
प्रशासनिक स्तर पर एडीजी, मंडलायुक्त, पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी समेत सभी अधिकारियों को सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। खास तौर पर प्रधानमंत्री के आगमन और प्रस्थान के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो, इस पर जोर दिया गया है।
राजनीतिक स्तर पर भी तैयारियां तेज हैं। भाजपा संगठन महिला सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए बूथ स्तर तक सक्रिय हो गया है। इस कार्यक्रम में 50 हजार से अधिक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं और घर-घर संपर्क अभियान चलाया जा रहा है।
आने वाले समय में वाराणसी को और बड़ी परियोजनाओं की सौगात मिलने की भी उम्मीद है। गंजारी इंटरनेशनल स्टेडियम, रोपवे और दालमंडी सड़क चौड़ीकरण जैसी परियोजनाएं जुलाई तक पूरी होने की संभावना जताई जा रही है, जिन्हें अगले दौरे में प्रधानमंत्री द्वारा लॉन्च किया जा सकता है।
हमारी राय में
वाराणसी दौरा सिर्फ विकास परियोजनाओं का उद्घाटन नहीं, बल्कि महिला सशक्तीकरण और राजनीतिक संदेश का भी बड़ा मंच बनता नजर आ रहा है। यदि योजनाएं समय पर पूरी होती हैं, तो यह शहर के बुनियादी ढांचे और छवि दोनों को मजबूत करेगा।
