नई दिल्ली/टीम डिजिटल। बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद जनता दल यूनाइटेड ने बड़ा बयान दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री पद भारतीय जनता पार्टी को सौंपना पुराने सहयोग का जवाब है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब 2020 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू की सीटें कम हो गई थीं, तब भाजपा ने सहयोग किया था। उसी के बदले अब पार्टी ने भाजपा के नेतृत्व में सरकार को समर्थन देने का फैसला लिया।
चौधरी ने बताया कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई सरकार विधानसभा में विश्वास मत हासिल करेगी। इसके लिए एक दिवसीय सत्र बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पास स्पष्ट बहुमत है, इसलिए विश्वास मत जीतना तय है।
उन्होंने यह भी कहा कि नई सरकार को नीतीश कुमार का आशीर्वाद प्राप्त है। नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री पद छोड़ा है। जेडीयू का कहना है कि नई सरकार उनके विकास मॉडल और नीतियों पर ही आगे बढ़ेगी।
इससे पहले जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने भी कहा था कि सत्ता परिवर्तन से जुड़े सभी सवालों का जवाब पार्टी नेतृत्व देगा। वहीं वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव के उपमुख्यमंत्री बनने को भी नए सत्ता समीकरणों के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह बदलाव बिहार की राजनीति में बड़े संतुलन का संकेत देता है, जहां गठबंधन की मजबूती को प्राथमिकता दी गई है।
हमारी राय में
बिहार में सत्ता परिवर्तन गठबंधन राजनीति का एक अहम उदाहरण है, जहां पुराने सहयोग को प्राथमिकता दी गई। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि नई सरकार जनता की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरती है।