नेशनल डेस्क। देश के कई राज्यों में लागू की जा रही SIR प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर शीर्ष अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। इस मामले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee की ओर से पेश हुए वकीलों को अदालत से कोई राहत नहीं मिली। मुख्य न्यायाधीश Justice Suryakant की अगुवाई वाली पीठ ने स्पष्ट कर दिया कि SIR की प्रक्रिया पर किसी भी तरह की रोक लगाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने साफ शब्दों में कहा कि अदालत न तो इस प्रक्रिया को रोक सकती है और न ही इसमें किसी तरह की बाधा उत्पन्न करने की इजाजत दे सकती है। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों को यह बात स्पष्ट रूप से समझ लेनी चाहिए कि SIR एक चल रही प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसमें न्यायिक हस्तक्षेप की सीमाएं हैं।
पीठ ने यह भी कहा कि यदि SIR को लेकर किसी प्रकार की कानूनी या संवैधानिक स्पष्टता की आवश्यकता होगी, तो वह सुप्रीम कोर्ट की ओर से दी जाएगी। अदालत ने संकेत दिया कि फिलहाल इस स्तर पर हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं बनता है।
याचिका में तर्क दिया गया था कि अलग-अलग राज्यों में SIR को लागू करने के तरीके को लेकर भ्रम और असमंजस की स्थिति है, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर तनाव बढ़ रहा है। हालांकि अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और कहा कि प्रक्रिया को रोकना समाधान नहीं हो सकता।
सुप्रीम कोर्ट के इस रुख को SIR के विरोध में उतरी पार्टियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। खासकर ममता बनर्जी के लिए यह फैसला राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है, क्योंकि वह लगातार इस प्रक्रिया के खिलाफ आवाज उठाती रही हैं।
अदालत के फैसले के बाद अब साफ हो गया है कि SIR की प्रक्रिया जारी रहेगी और राज्यों को इसे लागू करने से रोका नहीं जा सकता। साथ ही यह भी संकेत मिला है कि यदि भविष्य में किसी संवैधानिक पहलू पर सवाल उठता है, तो सुप्रीम कोर्ट उस पर विचार कर सकता है, लेकिन फिलहाल किसी तरह की रोक संभव नहीं है।
हमरी राय में, सुप्रीम कोर्ट का यह रुख यह दर्शाता है कि अदालत प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अनावश्यक दखल से बचना चाहती है। SIR को लेकर राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन कानूनी स्तर पर फिलहाल इसे रोकने का आधार नहीं बन पाया है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मुद्दे पर राज्यों और केंद्र के बीच राजनीतिक और कानूनी बहस किस दिशा में आगे बढ़ती है।
