IRCTC होटल स्कैम: लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ीं; राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में फैसला सुरक्षित रखा
पॉलिटिकल डेस्क, नई दिल्ली | दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लारा (LARA) प्रोजेक्ट्स मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ आरोप तय करने पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर चार्जशीट पर लंबी बहस के बाद अदालत अब 3 मार्च को अपना फैसला सुनाएगी।
कोर्ट की कार्यवाही और प्रमुख दलीलें
स्पेशल जज विशाल गोगने ने आरोपियों के वकीलों और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला लिया।
- ED का पक्ष: एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) डीपी सिंह और एडवोकेट मनु मिश्रा ने कोर्ट में दलील दी कि आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त और पुख्ता सबूत मौजूद हैं।
- आरोपी: इस मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सहित 13 अन्य लोग और कंपनियां आरोपी के रूप में नामजद हैं।
क्या है पूरा मामला? (IRCTC होटल स्कैम)
यह कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामला मूल रूप से सीबीआई (CBI) द्वारा दर्ज किए गए IRCTC होटल घोटाले से जुड़ा है।
- मुख्य आरोप: आरोप है कि लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान (2004-2009), रेलवे के बीएनआर (BNR) होटलों के रखरखाव का ठेका निजी कंपनियों को देने के बदले में बेनामी संपत्तियां ली गईं।
- बेनामी जमीन: सीबीआई का दावा है कि इस डील के बदले में लालू यादव को एक बेनामी कंपनी के जरिए पटना में तीन एकड़ की बेशकीमती जमीन मिली।
- एजेंसियों की कार्रवाई: 7 जुलाई 2017 को सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी, जिसके बाद पटना, दिल्ली, रांची और गुरुग्राम में 12 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। इसके बाद ईडी ने PMLA के तहत मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया।
चार्जशीट में नामजद प्रमुख आरोपी
प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी जांच के बाद निम्नलिखित के खिलाफ चार्जशीट पेश की है:
- लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव।
- मेसर्स लारा प्रोजेक्ट्स LLP (LARA Projects LLP)।
- प्रेम चंद गुप्ता, सरला गुप्ता और गौरव गुप्ता।
- मेसर्स सुजाता होटल्स, विनय कोचर और विजय कोचर।
- मेसर्स अभिषेक फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड और अन्य।
अब तक की कानूनी स्थिति
इससे पहले, 13 अक्टूबर 2025 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने इसी मामले से जुड़े सीबीआई के भ्रष्टाचार केस में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार विरोधी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय कर दिए थे। अब ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोर्ट का आदेश भविष्य की कानूनी राह तय करेगा।
संपादकीय विश्लेषण
लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के लिए कानूनी मोर्चे पर चुनौतियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। 2017 से चल रहे इस मामले में अब आरोप तय होने की स्थिति (Framing of Charges) काफी महत्वपूर्ण है। यदि कोर्ट आरोप तय करता है, तो यह ट्रायल की शुरुआत होगी जो बिहार की राजनीति और विपक्षी गठबंधन के लिए भी एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। 3 मार्च की तारीख न केवल लालू परिवार बल्कि बिहार की सियासत के लिए भी काफी अहम होने वाली है।
