Indian Tourists Rail Pass Trend: यूरोप और जापान में देसी यात्रियों की नई रणनीति, रेल पास बना बजट का सबसे बड़ा सहारा
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नई दिल्ली। विदेश यात्रा को लेकर भारतीय पर्यटकों का अंदाज तेजी से बदल रहा है। अब सिर्फ एक शहर में उतरकर कुछ प्रसिद्ध स्थान देखने का दौर पीछे छूट चुका है। भारतीय मुसाफिर अब यूरोप और पूर्वी एशिया में रेल नेटवर्क का जमकर उपयोग कर रहे हैं।
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूरोप में ‘स्विस ट्रैवल पास’ खरीदने के मामले में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन चुका है। वहीं पूरे यूरोप में यात्रा के लिए उपयोग होने वाले ‘यूरेल पास’ के मामले में भारत चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
यात्रियों का झुकाव अब पॉइंट-टू-पॉइंट टिकट लेने के बजाय एकमुश्त रेल पास लेने की ओर बढ़ा है, जिससे यात्रा आसान और बजट नियंत्रित रहता है।
यूरो और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति कमजोर होने से विदेश यात्रा महंगी होती जा रही है। यूरो 100 रुपये के पार जाने के बाद होटल और भोजन का खर्च बढ़ गया है। ऐसे में रेल पास ट्रांसपोर्ट खर्च को पहले से तय कर देता है।
यात्री एक बार पास खरीदते हैं और तय अवधि तक असीमित रेल यात्रा कर सकते हैं। इससे आखिरी समय में प्लान बदलने की आजादी भी मिलती है और अतिरिक्त टिकट खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती।
पहले रेल पास को युवा बैकपैकर्स की पसंद माना जाता था, लेकिन अब परिवार भी इसे अपना रहे हैं। पिछले दो वर्षों में चाइल्ड पास कैटेगरी में करीब 8% की वृद्धि दर्ज की गई है।
स्विट्जरलैंड जैसे देशों में पास के साथ म्यूजियम, केबल कार और पहाड़ी रेलगाड़ियों तक पहुंच मिलती है, जिससे यह परिवारों के लिए आकर्षक पैकेज बन जाता है।
एशिया में जापान बना नया आकर्षण
रेल यात्रा का ट्रेंड सिर्फ यूरोप तक सीमित नहीं है। जापान में भारतीय पर्यटकों की संख्या में 35% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
‘जापान रेल पास’ की मदद से भारतीय पर्यटक अब सिर्फ टोक्यो और ओसाका तक सीमित नहीं हैं, बल्कि क्यूशू जैसे क्षेत्रीय इलाकों की भी सैर कर रहे हैं। बेहतर हवाई कनेक्टिविटी और हाई-स्पीड रेल नेटवर्क ने जापान को भारतीयों के लिए नया हॉटस्पॉट बना दिया है।
Our Final Thoughts
भारतीय यात्रियों की सोच में आया यह बदलाव वैश्विक पर्यटन बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है। आज का यात्री केवल घूमने नहीं, बल्कि अनुभव लेने जाता है। रेल पास जैसी सुविधाएं उसे लचीलापन, बचत और यात्रा की स्वतंत्रता देती हैं।
आर्थिक अनिश्चितता और मुद्रा विनिमय दरों के दबाव के बीच रेल पास एक स्मार्ट विकल्प बनकर उभरा है। इससे यात्रा की लागत पहले से तय रहती है और अनावश्यक खर्च से बचाव होता है
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परिवारों का बढ़ता रुझान इस बात का संकेत है कि भारतीय अब यात्रा को अधिक योजनाबद्ध और सुरक्षित तरीके से देख रहे हैं।
यूरोप और जापान जैसे देशों में भारतीयों की बढ़ती मौजूदगी न केवल पर्यटन उद्योग के लिए सकारात्मक है, बल्कि यह भारत के उभरते वैश्विक उपभोक्ता वर्ग को भी दर्शाती है।
रेल पास ट्रेंड यह साबित करता है कि भारतीय पर्यटक अब केवल दर्शक नहीं, बल्कि समझदार और रणनीतिक यात्री बन चुके हैं।
