HAL Q3 Results 2025-26: मुनाफा 29.6% उछला, ₹35 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का ऐलान
Hindustan Aeronautics Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (दिसंबर तिमाही) में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 29.6 प्रतिशत बढ़कर 1,866.66 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,439.79 करोड़ रुपये था।
संचालन से आय भी 10.65 प्रतिशत बढ़कर 7,698.80 करोड़ रुपये रही, जबकि एक साल पहले यह 6,957.31 करोड़ रुपये थी। कुल आय 8,612.60 करोड़ रुपये दर्ज की गई, जो पिछले साल 7,588.71 करोड़ रुपये थी।
डिविडेंड की घोषणा
तिमाही नतीजों के साथ कंपनी के बोर्ड ने 5 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर 35 रुपये का पहला अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। 18 फरवरी 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है। इस तारीख तक जिन निवेशकों के पास शेयर होंगे, उन्हें लाभांश मिलेगा। भुगतान 14 मार्च 2026 तक किया जाएगा।
कंपनी 28 मार्च 2019 से अब तक 14 बार डिविडेंड घोषित कर चुकी है। पिछले एक वर्ष में कुल 40 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया गया, जिससे डिविडेंड यील्ड लगभग 0.98 प्रतिशत रही।
शेयर प्रदर्शन
बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का शेयर मूल्य 4,161 रुपये पर कारोबार कर रहा है। 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 5,166 रुपये और न्यूनतम स्तर 3,045.95 रुपये रहा है। कंपनी का मार्केट कैप लगभग 2,78,812.30 करोड़ रुपये है (12 फरवरी 2026, दोपहर 2:21 बजे तक)।
रक्षा क्षेत्र में मजबूत ऑर्डर बुक और निरंतर सरकारी परियोजनाओं के चलते कंपनी का प्रदर्शन निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत दे रहा है।
Our Final Thoughts
एचएएल के ताजा नतीजे संकेत देते हैं कि रक्षा क्षेत्र की सरकारी कंपनियां अभी भी मजबूत ऑर्डर बुक और स्थिर सरकारी समर्थन के दम पर बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। लगभग 30 प्रतिशत की मुनाफा वृद्धि इस बात का संकेत है कि कंपनी की परिचालन क्षमता और लागत नियंत्रण रणनीति प्रभावी रही है।
हालांकि, निवेशकों को केवल डिविडेंड और तिमाही लाभ पर ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक ऑर्डर पाइपलाइन, निर्यात क्षमता और सरकारी रक्षा बजट आवंटन पर भी नजर रखनी चाहिए। शेयर की 52 हफ्तों की ऊंचाई और मौजूदा कीमत के बीच अंतर यह दिखाता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है।
डिविडेंड यील्ड अपेक्षाकृत सीमित है, लेकिन स्थिर लाभांश इतिहास कंपनी को डिफेंस सेक्टर में एक भरोसेमंद विकल्प बनाता है। आने वाली तिमाहियों में ऑर्डर निष्पादन की गति और मार्जिन पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
