बिजली बिल पर पुराने मालिक का नाम बदलने की ऑनलाइन प्रक्रिया: अब घर बैठे पूरा करें यह जरूरी काम
डिजिटल दौर में आसान हुई बिजली कनेक्शन ट्रांसफर की प्रक्रिया
नया घर खरीदा हो या विरासत में कोई प्रॉपर्टी मिली हो, अक्सर बिजली बिल पर पुराने मालिक का नाम ही चलता रहता है। इसे बदलना पहले एक समय खपाने वाला और जटिल काम माना जाता था, लेकिन अब तकनीक ने इसे बेहद सरल बना दिया है। गाजियाबाद हो या देश का कोई भी कोना, अब आप बिना किसी सरकारी दफ्तर की भाग-दौड़ के अपने मोबाइल या कंप्यूटर से बिजली कनेक्शन अपने नाम पर ट्रांसफर करा सकते हैं। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) समेत देश के लगभग सभी बिजली बोर्ड्स ने अब अपनी अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन कर दी हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको लंबी लाइनों में खड़े होने या बिचौलियों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ती है। बस कुछ जरूरी कागजात डिजिटल रूप में अपलोड करके आप अपना काम आसानी से पूरा कर सकते हैं।
आवेदन से पहले तैयार रखें ये जरूरी दस्तावेज
बिजली बिल पर नाम बदलने की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू करने से पहले कुछ अनिवार्य दस्तावेजों की स्कैन कॉपी (PDF या फोटो फॉर्मेट) अपने फोन या कंप्यूटर में जरूर रख लेनी चाहिए। पहचान के प्रमाण के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी कार्ड की आवश्यकता होती है। संपत्ति के स्वामित्व को साबित करने के लिए मकान की रजिस्ट्री की कॉपी, अलॉटमेंट लेटर या सेल डीड का होना अनिवार्य है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि संपत्ति अब आपके नाम पर है। इसके अतिरिक्त, आपको बिजली विभाग का सबसे ताजा भुगतान किया हुआ बिल भी रिकॉर्ड के तौर पर संलग्न करना होगा।
यदि पुराने मालिक की मृत्यु हो गई है, तो ऐसी विशेष स्थिति में वारिस होने का कानूनी प्रमाण या परिवार के अन्य सदस्यों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की जरूरत पड़ सकती है। आवेदन के समय आपकी एक हालिया पासपोर्ट साइज फोटो भी अपलोड करनी होगी। इन सभी दस्तावेजों के तैयार रहने से आवेदन की प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के पूरी हो जाती है।
ऑनलाइन आवेदन करने का चरणबद्ध तरीका
ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सबसे पहले अपने संबंधित राज्य की बिजली विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (जैसे उत्तर प्रदेश के लिए UPPCL Online) पर जाना होता है। वहाँ आपको अपनी विशिष्ट 'कंज्यूमर आईडी' के माध्यम से लॉगिन करना होगा और यदि आप पहली बार वेबसाइट का उपयोग कर रहे हैं, तो एक नया रजिस्ट्रेशन करना होगा। लॉगिन करने के बाद 'सर्विसेज' सेक्शन में जाकर 'Name Change' या 'Ownership Change' के विकल्प का चयन करें। यहाँ एक डिजिटल फॉर्म खुलेगा जिसमें आपको अपनी सही व्यक्तिगत और संपत्ति संबंधी जानकारी भरनी होगी और मांगे गए दस्तावेजों को अपलोड करना होगा।
इस प्रक्रिया के लिए विभाग द्वारा एक छोटा सा प्रसंस्करण शुल्क निर्धारित किया जाता है, जो आमतौर पर 200 से 500 रुपये के बीच होता है और इसे ऑनलाइन ही जमा किया जा सकता है। फॉर्म सबमिट करते ही आपको एक 'रिक्वेस्ट नंबर' या पावती संख्या मिल जाएगी, जिसका उपयोग आप भविष्य में अपने आवेदन की स्थिति (Status) जानने के लिए कर सकते हैं।
सत्यापन की अवधि और ऑफलाइन विकल्प
ऑनलाइन आवेदन जमा होने के बाद विभाग के संबंधित अधिकारी आपके द्वारा दिए गए दस्तावेजों की गहराई से जांच करते हैं। यदि अपलोड किए गए सभी कागज सही पाए जाते हैं, तो आमतौर पर अगले 7 से 15 कार्य दिवसों के भीतर नाम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी कर दी जाती है। इसके सफल होने के बाद आपके अगले महीने के बिजली बिल पर नया नाम छपकर आने लगता है। जो लोग ऑनलाइन माध्यम का उपयोग करने में सहज नहीं हैं, उनके लिए अभी भी पारंपरिक तरीका उपलब्ध है। वे अपने नजदीकी बिजली दफ्तर (SDO ऑफिस) जाकर 'फॉर्म-ए' प्राप्त कर सकते हैं और इसे भरकर व दस्तावेजों को संलग्न करके मैन्युअल रूप से जमा करा सकते हैं।
बिजली बिल पर नाम परिवर्तन की प्रक्रिया का डिजिटल होना 'डिजिटल इंडिया' की दिशा में एक बड़ा और सुविधाजनक कदम है। अक्सर लोग इस काम को टालते रहते हैं, लेकिन संपत्ति की सुरक्षा और भविष्य में कानूनी उलझनों से बचने के लिए बिजली कनेक्शन का अपने नाम पर होना अत्यंत आवश्यक है। यह न केवल आपके स्वामित्व का एक अतिरिक्त प्रमाण बनता है, बल्कि सरकारी सब्सिडी और अन्य योजनाओं का लाभ उठाने में भी मददगार साबित होता है। तकनीक के इस युग में उपभोक्ताओं को इन सुविधाओं का लाभ उठाना चाहिए ताकि उनका कीमती समय और ऊर्जा बच सके। पारदर्शिता और गति के मामले में ऑनलाइन प्रक्रिया निश्चित रूप से पुराने तरीकों से कहीं अधिक बेहतर और विश्वसनीय है।