दिल्ली के स्कूलों में बम की धमकी से हड़कंप: झंडेवालान से रोहिणी तक दहशत का माहौल; जानें अब तक की बड़ी बातें
नारी डेस्क, नई दिल्ली | देश की राजधानी दिल्ली के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों की चिंताएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले कुछ दिनों से स्कूलों को मिल रही बम की धमकियों ने दिल्ली पुलिस और शिक्षा विभाग की नींद उड़ा दी है। शुक्रवार सुबह एक बार फिर दिल्ली के कई प्रतिष्ठित स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिससे पूरे शहर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
शुक्रवार की घटना: सुबह-सुबह मिली धमकी
शुक्रवार सुबह करीब 9:13 बजे पहला कॉल झंडेवालान स्थित BD तमिल एजुकेशन स्कूल को मिला। कॉलर ने स्कूल परिसर में बम होने का दावा किया, जिसके तुरंत बाद स्कूल प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया। इसके बाद एक के बाद एक कई स्कूलों से इसी तरह की धमकियों की खबरें आने लगीं।
पुलिस की टीमें, फायर डिपार्टमेंट और बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) तुरंत प्रभावित जगहों पर पहुंचे। एहतियात के तौर पर स्कूलों को खाली करा लिया गया और बच्चों को सुरक्षित उनके घर भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।
सोमवार की यादें हुईं ताजा
यह घटना सोमवार की उस दहशत भरी याद को ताजा कर देती है जब सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच दिल्ली के नौ प्रमुख स्कूलों को ईमेल के जरिए बम की धमकियां मिली थीं। उस दौरान भी पूरे दिन सर्च ऑपरेशन चला था, हालांकि बाद में सभी धमकियां फर्जी (Hoax) पाई गईं।
प्रभावित स्कूलों की सूची
दिल्ली के जिन प्रमुख स्कूलों को अब तक इन धमकियों का सामना करना पड़ा है, उनमें शामिल हैं:
- लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल, दिल्ली कैंट
- कैम्ब्रिज स्कूल, श्रीनिवासनपुरी और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी
- सीएम स्कूल, रोहिणी
- डीटीए स्कूल, INA
- बाल भारती स्कूल, रोहिणी
- BD तमिल एजुकेशन, झंडेवालान
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
धमकी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को 'हाई अलर्ट' पर रखा है:
- सुरक्षा घेरा: बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड स्कूलों के हर कोने की सघन तलाशी ले रहे हैं।
- सीसीटीवी जांच: पुलिस स्कूलों के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके।
- साइबर सेल की जांच: ईमेल के जरिए दी गई धमकियों के आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रैक किया जा रहा है ताकि मुख्य आरोपी तक पहुंचा जा सके।
अभिभावकों के लिए जरूरी सुझाव
प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे पैनिक (Panic) न करें और निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:
- आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें: केवल स्कूल प्रशासन या पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें। व्हाट्सएप ग्रुप्स पर चल रही अफवाहों से बचें।
- संपर्क सूत्र: अपने बच्चों के स्कूल के इमरजेंसी नंबर को अपने पास सुरक्षित रखें।
- सहयोग करें: यदि स्कूल बच्चों को वापस घर भेज रहा है, तो शांतिपूर्वक सहयोग करें ताकि निकासी (Evacuation) की प्रक्रिया सुरक्षित रहे।
संपादकीय विश्लेषण
स्कूलों को निशाना बनाकर दी जाने वाली ये धमकियां न केवल सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दे रही हैं, बल्कि मासूम बच्चों और उनके अभिभावकों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रभाव डाल रही हैं। बार-बार मिलने वाली 'फर्जी धमकियां' (Hoax calls) संसाधन और समय की भारी बर्बादी का कारण बनती हैं। यह जरूरी है कि साइबर सेल इन शरारती तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। स्कूलों की सुरक्षा ऑडिट अब समय की मांग बन गई है।
