Bangladesh Election 2026: पहली बार वोट डाल रहे युवाओं में उत्साह, नेताओं ने की अधिकतम भागीदारी की अपील
बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव के लिए मतदान जारी है और देशभर में पोलिंग सेंटरों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। इस चुनाव की खास बात यह है कि बड़ी संख्या में युवा पहली बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। युवाओं में मतदान को लेकर खासा उत्साह दिखाई दे रहा है।
राजनीतिक दलों के नेताओं ने मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान केंद्र पहुंचने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की है।
युवाओं की आवाज
पहली बार वोट देने वाले एक 27 वर्षीय मतदाता ने कहा कि लंबे समय बाद उन्हें वोट देने का अवसर मिला है और यह उनके लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि सही प्रतिनिधि चुनना उनका पहला कर्तव्य है।
एक अन्य युवा मतदाता ने उम्मीद जताई कि उनका वोट एक सुरक्षित और खुशहाल बांग्लादेश के निर्माण में योगदान देगा। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र को मजबूत करने का अवसर है।
एक महिला फर्स्ट-टाइम वोटर ने कहा कि देश में सुधार और पारदर्शी शासन की जरूरत है। उन्होंने भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अव्यवस्था को बड़ी चुनौती बताया और उम्मीद जताई कि नई सरकार सकारात्मक बदलाव लाएगी।
एक अन्य महिला मतदाता ने प्रगतिशील नेतृत्व और बेहतर नैतिक मूल्यों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह उनका पहला मतदान अनुभव है और वे इसे ऐतिहासिक मानती हैं।
प्रमुख नेताओं ने भी डाला वोट
Tarique Rahman ने भी मतदान किया और नागरिकों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उनके साथ उनकी पत्नी और बेटी भी मतदान केंद्र पहुंचीं।
वहीं अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार Muhammad Yunus ने इस चुनाव को “नए बांग्लादेश का जन्मदिन” बताया। उन्होंने नागरिकों से संसदीय चुनाव और जनमत संग्रह दोनों में हिस्सा लेने की अपील की।
अब तक की स्थिति
चुनाव आयोग के अनुसार मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। आधिकारिक मतदान प्रतिशत और प्रारंभिक रुझान बाद में जारी किए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार युवाओं की भागीदारी चुनाव परिणामों को निर्णायक रूप से प्रभावित कर सकती है। बड़ी संख्या में नए मतदाताओं के शामिल होने से राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है।
Our Final Thoughts
बांग्लादेश का 13वां संसदीय चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक भागीदारी की परीक्षा भी है। इस बार युवाओं की सक्रिय मौजूदगी इसे और खास बना रही है। पहली बार मतदान कर रहे मतदाताओं के बयान यह संकेत देते हैं कि वे केवल राजनीतिक नारे नहीं, बल्कि वास्तविक सुधार और पारदर्शी शासन चाहते हैं।
लोकतंत्र की मजबूती केवल मतदान प्रतिशत से नहीं, बल्कि मतदाताओं के विश्वास से तय होती है। यदि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनी रहती है, तो यह देश के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय साबित हो सकता है।
अब सबकी नजर अंतिम मतदान प्रतिशत और परिणामों पर है, जो तय करेंगे कि बांग्लादेश की राजनीतिक दिशा आने वाले वर्षों में किस ओर जाएगी।
