इंतजार खत्म! आज से पटरी पर दौड़ी देश की पहली 'वंदे भारत स्लीपर'—कामाख्या से हुई ऐतिहासिक शुरुआत, दिल्ली वाले भी ले सकेंगे 'शाही सफर' का मजा, जानें पूरा प्लान
गुवाहाटी/नई दिल्ली, दिनांक: 22 जनवरी 2026 — भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण के सफर में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। देश की पहली और बहुप्रतीक्षित 'वंदे भारत स्लीपर ट्रेन' (Vande Bharat Sleeper Train) का सपना आज हकीकत बनकर पटरी पर दौड़ पड़ा है। 22 जनवरी की शाम को गुवाहाटी के कामाख्या स्टेशन से इस अत्याधुनिक ट्रेन ने अपने पहले नियमित सफर की शुरुआत की। पूर्वोत्तर भारत के प्रवेश द्वार से शुरू हुई यह सेवा कल यानी 23 जनवरी से हावड़ा (कोलकाता) से भी अपनी वापसी यात्रा शुरू कर देगी।
यह ट्रेन न केवल गति और आराम का पर्याय है, बल्कि यह लंबी दूरी की यात्रा के अनुभव को पूरी तरह बदलने वाली है। 'होटल ऑन व्हील्स' कही जाने वाली इस ट्रेन में यात्रियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं।
दिल्ली वालों के लिए 'शाही सफर' का खास प्लान
भले ही वंदे भारत स्लीपर की पहली सेवा दिल्ली से शुरू नहीं हुई है, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी के रेलवे प्रेमी और यात्री भी इस अनुभव से अछूते नहीं रहेंगे। रेलवे विशेषज्ञों ने दिल्लीवासियों के लिए एक विशेष 'कनेक्टिंग प्लान' सुझाया है, जिससे वे इस अत्याधुनिक ट्रेन का आनंद ले सकते हैं।
दिल्लीवासियों के लिए सुझाये गए प्लान के अनुसार, यात्री शाम को नई दिल्ली से 'राजधानी एक्सप्रेस' पकड़ सकते हैं, जो अपनी समयबद्धता के लिए प्रसिद्ध है और अगले दिन सुबह आराम से हावड़ा स्टेशन पहुंचा देगी। राजधानी के थर्ड एसी का किराया लगभग ₹2300 है। हावड़ा पहुंचने के बाद यात्रियों के पास शाम तक का वक्त होगा, जिस दौरान वे 'सिटी ऑफ जॉय' का लुत्फ उठा सकते हैं, विक्टोरिया मेमोरियल की वास्तुकला निहार सकते हैं या हावड़ा ब्रिज के पास हुगली नदी की हवा खा सकते हैं। शाम होते ही यात्री हावड़ा स्टेशन लौटकर 06:20 बजे रवाना होने वाली वंदे भारत स्लीपर में सवार हो सकते हैं। यह ट्रेन रात भर के आरामदायक सफर के बाद अगली सुबह कामाख्या (गुवाहाटी) पहुंचा देगी।
इस पूरे 'कनेक्टिंग सफर' (दिल्ली-कोलकाता-गुवाहाटी) के लिए आपको लगभग ₹4600 (₹2300 राजधानी + ₹2300 वंदे भारत अनुमानित) खर्च करने होंगे। यह हवाई जहाज के किराए के मुकाबले किफायती है और अनुभव के लिहाज से कहीं ज्यादा समृद्ध।
रफ्तार और समय: 14 घंटे में 972 किमी का सफर
वंदे भारत स्लीपर इस रूट की सबसे तेज ट्रेन बन गई है। यह 972 किलोमीटर की दूरी को महज 14 घंटे में तय करेगी, जो कि अन्य मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के मुकाबले काफी कम समय है। टाइम टेबल के अनुसार, ट्रेन शाम 18:15 बजे कामाख्या स्टेशन से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 08:15 बजे हावड़ा जंक्शन पहुंचेगी। वापसी दिशा में, यह हावड़ा से शाम 18:20 बजे चलेगी और अगली सुबह 08:20 बजे कामाख्या पहुंचेगी।
किराया और सुविधाएं: क्या है खास?
रेलवे ने इस ट्रेन को प्रीमियम श्रेणी में रखा है, जिसका थर्ड एसी (3AC) का किराया करीब ₹2435 से शुरू है, हालांकि इसमें भोजन या कैटरिंग का शुल्क अलग से हो सकता है। यह ट्रेन हवा से बातें करेगी, लेकिन यात्रियों की सुविधा के लिए रास्ते में 13 प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी, जिनमें रंगिया, न्यू बोंगाईगांव, न्यू जलपाईगुड़ी (NJP), मालदा टाउन और नबद्वीप धाम शामिल हैं।
ट्रेन के अंदर का नजारा किसी 5-स्टार होटल से कम नहीं है। इसमें गद्देदार और एर्गोनोमिक डिजाइन वाली शानदार बर्थ, ऑटोमैटिक दरवाजे जो मेट्रो की तरह खुलते-बंद होते हैं, सेंसर वाले नल और गंध-मुक्त अनुभव के लिए अत्याधुनिक बायो-वैक्यूम टॉयलेट्स जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। साथ ही सुरक्षा के लिहाज से हर कोच में सीसीटीवी कैमरे और फायर सेफ्टी सिस्टम लगाए गए हैं।
हमारी राय (The Trending People Analysis)
22 जनवरी का दिन भारतीय रेल के लिए एक 'माइलस्टोन' है। वंदे भारत स्लीपर का लॉन्च होना यह बताता है कि सरकार अब केवल पटरियां नहीं बिछा रही, बल्कि यात्रा के स्तर (Standard of Travel) को ऊपर उठा रही है। पूर्वोत्तर को पहली स्लीपर ट्रेन का तोहफा देना इस क्षेत्र के रणनीतिक और पर्यटन महत्व को रेखांकित करता है।
The Trending People का विश्लेषण है कि दिल्ली से कनेक्टिंग सफर का विकल्प रोमांचक जरूर है, लेकिन आम यात्रियों की निगाहें इस बात पर टिकी होंगी कि दिल्ली-मुंबई या दिल्ली-पटना जैसे व्यस्त रूट्स पर यह सेवा कब शुरू होगी। ₹2435 का किराया मध्यम वर्ग के लिए थोड़ा ज्यादा हो सकता है, लेकिन समय और सुविधाओं को देखते हुए यह 'वैल्यू फॉर मनी' साबित हो सकता है। यह ट्रेन निश्चित रूप से हवाई यात्रा को कड़ी टक्कर देने वाली है।
