आपका आधार, आपकी सुरक्षा—सिर्फ एक क्लिक में फिंगरप्रिंट पर लगाएं 'डिजिटल ताला', ठगों की हर कोशिश होगी नाकाम, जानें UIDAI का 'सुरक्षा कवच'
नई दिल्ली, दिनांक: 19 जनवरी 2026 — डिजिटल इंडिया के दौर में आधार कार्ड (Aadhaar Card) केवल एक पहचान पत्र नहीं, बल्कि हमारी वित्तीय और सामाजिक जिंदगी की चाबी बन चुका है। बैंक खाता खोलने से लेकर सिम कार्ड खरीदने और सरकारी राशन लेने तक, हर जगह आधार अनिवार्य है। लेकिन इस सुविधा के साथ ही 'आधार सक्षम भुगतान प्रणाली' (AePS) और अन्य माध्यमों से होने वाली धोखाधड़ी का खतरा भी बढ़ा है। साइबर ठग अब आपके फिंगरप्रिंट क्लोन करके या डेटा चोरी करके बैंक खातों में सेंध लगा रहे हैं।
इस खतरे से निपटने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार उपभोक्ताओं के हाथ में एक ऐसा 'ब्रह्मास्त्र' दिया है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं या इस्तेमाल करते हैं। यह सुविधा है— 'आधार बायोमेट्रिक लॉक' (Aadhaar Biometric Lock)। यह एक ऐसी सुरक्षा दीवार है जिसे भेदना हैकर्स के लिए नामुमकिन है।
क्या है 'बायोमेट्रिक लॉक'? आसान शब्दों में समझें
सरल भाषा में कहें तो यह आपके आधार डेटा पर एक 'डिजिटल ताला' लगाने जैसा है।
- कार्यप्रणाली: UIDAI की इस सुविधा के तहत आधार धारक अपने बायोमेट्रिक्स (फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन) को अस्थायी रूप से लॉक कर सकते हैं।
- सुरक्षा: एक बार जब आप इसे लॉक कर देते हैं, तो भले ही आपका आधार नंबर किसी के पास हो, या किसी ठग ने आपका फिंगरप्रिंट क्लोन कर लिया हो, वह उसका इस्तेमाल करके सत्यापन (Authentication) नहीं कर पाएगा। सिस्टम उसे तुरंत रिजेक्ट कर देगा क्योंकि सर्वर पर आपका डेटा 'लॉक्ड' (Locked) दिखेगा।
यह सुविधा उन लोगों के लिए संजीवनी है जो अपनी गोपनीयता को लेकर चिंतित हैं या जिनका आधार नंबर कई जगह साझा हो चुका है।
क्यों जरूरी है यह ताला? (AePS फ्रॉड से बचाव)
पिछले कुछ वर्षों में 'आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम' (AePS) के जरिए ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं। इसमें ठग रजिस्ट्री ऑफिस की वेबसाइटों से लोगों के फिंगरप्रिंट डेटा चुराकर सिलिकॉन अंगूठे बनाते हैं और उनके खातों से पैसे निकाल लेते हैं।
समाधान: बायोमेट्रिक लॉक इस तरह की चोरी का 100% समाधान है। जब बायोमेट्रिक एक्सेस ही बंद होगा, तो क्लोन फिंगरप्रिंट किसी काम का नहीं रहेगा। यह सुविधा आपको पहचान की चोरी (Identity Theft) से बचाती है।
क्या सेवाएं बंद हो जाएंगी? (भ्रम और हकीकत)
अक्सर लोगों को लगता है कि लॉक करने से आधार बेकार हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं है।
क्या बंद होगा: लॉक होने के बाद केवल फिंगरप्रिंट और आईरिस (Iris) आधारित सेवाएं निष्क्रिय रहेंगी। जैसे कि सिम लेते समय अंगूठा लगाना या AePS से पैसा निकालना।
क्या चालू रहेगा: UIDAI ने स्पष्ट किया है कि बायोमेट्रिक लॉक करने से ओटीपी आधारित सेवाएं (OTP Based Authentication) प्रभावित नहीं होतीं। यानी आप ऑनलाइन केवाईसी, पैन लिंकिंग या इनकम टैक्स रिटर्न भरने जैसे काम ओटीपी के जरिए आसानी से कर सकते हैं।
कैसे लगाएं लॉक? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
अपने आधार को सुरक्षित करने की प्रक्रिया बेहद सरल है और इसे घर बैठे मोबाइल से किया जा सकता है।
वेबसाइट के जरिए:
- पोर्टल: सबसे पहले UIDAI के आधिकारिक पोर्टल resident.uidai.gov.in या myaadhaar.uidai.gov.in पर जाएं।
- विकल्प: होमपेज पर 'Aadhaar Lock/Unlock' सेवा का विकल्प चुनें।
- लॉगिन: 'Lock User Biometrics' पर क्लिक करें। अपना 12 अंकों का आधार नंबर (या 16 अंकों का वर्चुअल आईडी) और कैप्चा कोड दर्ज करें।
- ओटीपी: 'Send OTP' पर क्लिक करें। आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा।
- कन्फर्मेशन: ओटीपी दर्ज करते ही आपके बायोमेट्रिक्स लॉक हो जाएंगे और स्क्रीन पर सफलता का संदेश आ जाएगा।
अनलॉक कैसे करें? जब आपको खुद बायोमेट्रिक का इस्तेमाल करना हो (जैसे राशन लेने या सिम लेने), तो आप इन्हीं स्टेप्स को फॉलो करके 'Unlock' विकल्प चुन सकते हैं। आप इसे कुछ समय (10 मिनट) के लिए अस्थायी रूप से भी अनलॉक कर सकते हैं, जिसके बाद यह अपने आप फिर से लॉक हो जाएगा।
mAadhaar ऐप: सुरक्षा आपकी जेब में
वेबसाइट के अलावा, आप अपने स्मार्टफोन पर mAadhaar App डाउनलोड करके भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। ऐप में एक टॉगल बटन होता है जिसे ऑन/ऑफ करके आप सेकंडों में अपना बायोमेट्रिक लॉक या अनलॉक कर सकते हैं। यह उन लोगों के लिए बहुत सुविधाजनक है जो अक्सर यात्रा करते हैं।
हमारी राय (The Trending People Analysis)
डिजिटल दुनिया में 'सावधानी हटी, दुर्घटना घटी' वाली कहावत चरितार्थ होती है। आधार बायोमेट्रिक लॉक एक ऐसा फीचर है जिसे हर नागरिक को 'डिफ़ॉल्ट' रूप से अपनाना चाहिए। जैसे हम घर से निकलते वक्त ताला लगाते हैं, वैसे ही अपने डिजिटल पहचान पत्र पर भी ताला लगाकर रखना चाहिए।
The Trending People का विश्लेषण है कि सरकार और यूआईडीएआई को इस फीचर का व्यापक प्रचार-प्रसार करना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां AePS का उपयोग ज्यादा होता है, वहां जागरूकता की कमी के कारण लोग ठगी का शिकार होते हैं। अगर हर नागरिक अपना बायोमेट्रिक लॉक करना सीख जाए, तो आधार से जुड़ी 90% धोखाधड़ी रातों-रात खत्म हो सकती है। अपनी सुरक्षा अपने हाथ में लें और आज ही लॉक लगाएं।

