ये रील नहीं, रियल लाइफ 'मनी हाइस्ट' है—एयरपोर्ट से 180 करोड़ का सोना उड़ा ले गया एयर कनाडा का मैनेजर, पुलिस को 'टूर' कराया और फिर भारत फरार
टोरंटो/नई दिल्ली, दिनांक: 13 जनवरी 2026 — नेटफ्लिक्स की मशहूर वेब सीरीज 'मनी हाइस्ट' (Money Heist) में आपने लाल जंपसूट पहने चोरों को बैंक ऑफ स्पेन लूटते देखा होगा, लेकिन कनाडा के टोरंटो में जो घटा, उसने फिल्मी पटकथाओं को भी पीछे छोड़ दिया है। यह कनाडा के इतिहास की सबसे बड़ी और दुस्साहसिक चोरियों में से एक है। टोरंटो के पियर्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अत्यधिक सुरक्षित कार्गो फैसिलिटी से 20 मिलियन कनाडाई डॉलर (करीब 180 करोड़ रुपये) का सोना और विदेशी मुद्रा ऐसे गायब हुई जैसे वहां कभी थी ही नहीं।
जब पुलिस ने इस 'परफेक्ट क्राइम' की गुत्थी सुलझानी शुरू की, तो जिस शख्स का नाम मास्टरमाइंड के तौर पर सामने आया, उसने जांच एजेंसियों के होश उड़ा दिए। वह कोई पेशेवर गैंगस्टर नहीं, बल्कि एयर कनाडा (Air Canada) का एक जिम्मेदार मैनेजर सिमरनप्रीत पनेसर (Simranpreet Panesar) निकला। पुलिस का दावा है कि पनेसर अब कनाडा से भागकर सात समंदर पार भारत में कहीं छिपा बैठा है।
17 अप्रैल 2023 की वो शाम: कैसे गायब हुआ खजाना?
घटना 17 अप्रैल 2023 की शाम की है। स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख से एक फ्लाइट टोरंटो एयरपोर्ट पर लैंड करती है। इस फ्लाइट के कार्गो में एक बेहद कीमती कंटेनर था, जिसमें 400 किलो शुद्ध सोने की ईंटें (Gold Bars) और करीब 2.5 मिलियन डॉलर की विदेशी मुद्रा रखी थी।
- सुरक्षा: नियम के मुताबिक, इस कंटेनर को एयर कनाडा के सुरक्षित वेयरहाउस में शिफ्ट कर दिया गया। सब कुछ सामान्य लग रहा था।
- चोरी: कुछ ही घंटों बाद, एक ट्रक वेयरहाउस पर पहुंचता है। ड्राइवर सुरक्षा गार्ड को एक रसीद (Waybill) दिखाता है, कंटेनर को ट्रक में लोड करता है और बड़े आराम से वहां से निकल जाता है। जब असली सुरक्षा कंपनी (Brink's) का ट्रक सोना लेने पहुंचा, तब पता चला कि खजाना तो लुट चुका है।
'घर का भेदी' सिमरनप्रीत: मैनेजर या मास्टरमाइंड?
31 साल का सिमरनप्रीत पनेसर ओंटारियो के ब्राम्पटन का रहने वाला था, लेकिन उसकी असली ताकत उसका पद था। वह एयर कनाडा में मैनेजर के पद पर काम कर रहा था।
- एक्सेस: उसे एयरपोर्ट के कार्गो ऑपरेशन्स की रग-रग का पता था। उसे सटीक जानकारी थी कि सोना कब आएगा, कहां रखा जाएगा, किसकी शिफ्ट होगी और सुरक्षा जांच में कहां 'लूपहोल' (खामियां) हैं।
- साजिश: पुलिस का दावा है कि सिमरनप्रीत ही वह 'घर का भेदी' था, जिसके बिना परिंदा भी पर नहीं मार सकता था। उसने अपने पद का फायदा उठाकर चोरों के लिए रेड कार्पेट बिछा दिया।
फर्जी रसीद का खेल: बंदूक नहीं, कागज से हुई चोरी
इस चोरी का तरीका बेहद शातिर और अहिंसक था। सिमरनप्रीत और उसके साथियों ने बंदूक के दम पर नहीं, बल्कि एक कागज के टुकड़े के दम पर चोरी की।
- डुप्लीकेट बिल: जो ड्राइवर ट्रक लेकर आया, उसने जो रसीद दिखाई, वह उस सोने के कंटेनर की थी ही नहीं! वह रसीद एक दिन पहले हुई सी-फूड (Seafood) की डिलीवरी की एक डुप्लीकेट कॉपी थी।
- हेरफेर: आरोप है कि सिमरनप्रीत ने सिस्टम में हेरफेर की या अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया ताकि उस फर्जी रसीद को असली मान लिया जाए और 180 करोड़ का सोना गेट से बाहर निकल जाए।
पुलिस को 'टूर' कराया और फिर रफूचक्कर
इस कहानी का सबसे दिलचस्प और पुलिस के लिए शर्मनाक पहलू यह है कि चोरी के तुरंत बाद सिमरनप्रीत भागा नहीं था।
- शातिर चाल: जब अगले दिन पील रीजनल पुलिस (Peel Regional Police) जांच के लिए एयर कनाडा के वेयरहाउस पहुंची, तो सिमरनप्रीत पनेसर ने ही एक जिम्मेदार मैनेजर की तरह पुलिस अधिकारियों को पूरे वेयरहाउस का 'टूर' कराया। उसने पुलिस को दिखाया कि सिस्टम कैसे काम करता है। पुलिस को उस पर रत्ती भर भी शक नहीं हुआ।
- इस्तीफा और फरार: पुलिस के जाने के कुछ ही दिनों बाद, सिमरनप्रीत ने निजी कारणों का हवाला देते हुए एयर कनाडा की नौकरी से इस्तीफा दे दिया। जब तक पुलिस कड़ियां जोड़ पाती, तब तक वह कनाडा छोड़ चुका था।
अब कहां है सिमरनप्रीत? भारत कनेक्शन
कनाडा पुलिस ने अपनी चार्जशीट में साफ कहा है कि उन्हें पूरा यकीन है कि सिमरनप्रीत पनेसर भारत भाग गया है।
- इंटरपोल: उसके खिलाफ पूरे कनाडा में वारंट जारी है और इंटरपोल (Interpol) की मदद ली जा रही है। पिछले साल उसकी लोकेशन चंडीगढ़ में मिली थी, जहां वह कथित तौर पर एक किराए के मकान में रह रहा था, लेकिन अब उसका पता नहीं है।
- गिरफ्तारियां: इस मामले में पुलिस ने एयर कनाडा के एक और कर्मचारी परमपाल सिद्धू, ट्रक ड्राइवर दुरान किंग-मैक्लीन (जो अमेरिका में हथियारों के साथ पकड़ा गया), अर्चित ग्रोवर, अमित जलोटा और अली रजा समेत कई लोगों को नामजद किया है। पनेसर का एक साथी अरसलान चौधरी भी पुलिस की गिरफ्त में है।
सोने का क्या हुआ? पिघलाकर बना दिए कंगन?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि 400 किलो सोना कहां गया? पुलिस का मानना है कि चोरी किए गए सोने का बड़ा हिस्सा तुरंत पिघला दिया गया है।
- उपकरण: जांच में पुलिस को आरोपियों के ठिकानों से सोना पिघलाने वाले उपकरण (Smelting Equipment) और सांचे मिले हैं। माना जा रहा है कि इसे बेचकर पैसा इधर-उधर किया जा चुका है या फिर इसे भारत जैसे देशों में तस्करी के जरिए भेजा गया हो सकता है। अब तक पुलिस को केवल कुछ हजार डॉलर की नकदी और कंगन ही बरामद हुए हैं।
हमारी राय (The Trending People Analysis)
यह घटना साबित करती है कि सबसे बड़ी सुरक्षा चूक तकनीक में नहीं, बल्कि 'इंसान' में होती है। सिमरनप्रीत पनेसर ने जिस तरह सिस्टम को चकमा दिया और पुलिस की आंखों में धूल झोंकी, वह किसी हॉलीवुड थ्रिलर से कम नहीं है।
The Trending People का विश्लेषण है कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों के लिए एक चुनौती है। अगर सिमरनप्रीत भारत में है, तो कनाडा को प्रत्यर्पण (Extradition) के लिए ठोस सबूत और कूटनीतिक रास्तों का इस्तेमाल करना होगा। वहीं, यह घटना एयरलाइंस की आंतरिक सुरक्षा और कर्मचारियों की वेटिंग (Vetting) प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करती है। 180 करोड़ का सोना गायब होना कोई जादू नहीं, बल्कि सिस्टम का फेलियर है।
