बारूद और बर्फ के बीच सुलगता युद्ध—यूक्रेन के ड्रोन ने रूस के तेल डिपो को बनाया 'ज्वालामुखी', तो कीव में -14 डिग्री में बिना हीटिंग के ठिठुर रहे लोग
मॉस्को/कीव, दिनांक: 23 जनवरी 2026 — रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध अब केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि बुनियादी ढांचे और आम नागरिकों के जीवन पर सीधा प्रहार कर रहा है। पिछले 24 घंटों में दोनों तरफ से हुए हमलों ने स्थिति को भयावह बना दिया है। एक तरफ यूक्रेन ने रूस के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्रास्नोदार (Krasnodar) क्षेत्र में एक बड़ा ड्रोन हमला कर रूस की तेल आपूर्ति लाइन पर चोट की है, तो दूसरी तरफ रूसी हवाई हमलों ने यूक्रेन की राजधानी कीव (Kyiv) को कड़ाके की ठंड में 'फ्रीजर' बना दिया है।
ताजा घटनाक्रम के अनुसार, यूक्रेन द्वारा किए गए एक सटीक ड्रोन हमले में रूस के एक प्रमुख बंदरगाह पर भीषण आग लग गई, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। वहीं, कीव में बिजली और हीटिंग ग्रिड पर हुए हमलों ने लाखों लोगों को माइनस तापमान में जीने पर मजबूर कर दिया है।
रूस के दिल पर चोट: तेल टैंकों में लगी आग, 3 की मौत
स्थानीय अधिकारियों और क्रास्नोदार के गवर्नर वेनीआमिन कोंद्रात्येव ने टेलीग्राम पर जानकारी दी कि हमला तेम्रयुक जिले के वोल्ना (Volna) गांव में स्थित बंदरगाह टर्मिनलों पर हुआ। यह हमला इतना सटीक था कि ड्रोन सीधे तेल उत्पादों से भरे भंडारण टैंकों (Storage Tanks) से टकराया।
- विनाश: हमले के तुरंत बाद वहां भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते चार विशालकाय तेल टैंकों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही थीं।
- हताहत: इस घटना में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आठ लोग झुलसने और चोट लगने के कारण घायल हुए हैं, जिनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। बचाव कर्मी आग पर काबू पाने की जद्दोजहद कर रहे हैं।
तमां बंदरगाह का महत्व: यह हमला रूस के लिए एक बड़ा आर्थिक झटका है। तमां बंदरगाह (Taman Port) रूस का एक अहम निर्यात केंद्र है। यहाँ से न केवल तेल और पेट्रोलियम उत्पाद, बल्कि कोयला, सल्फर, अमोनिया और खाद्य सामग्री का भी बड़े पैमाने पर निर्यात किया जाता है। इस रूट के बाधित होने से सप्लाई चेन पर असर पड़ना तय है।
अडिगिया में भी दहशत: रिहायशी इमारत बनी निशाना
इससे ठीक पहले, 20 जनवरी की रात को भी रूस की धरती पर ड्रोन का कहर बरपा था। रूस के अडिगिया गणराज्य (Republic of Adygea) के ताक्तामुकायस्की जिले में हुए एक अन्य ड्रोन हमले में कम से कम 11 लोग घायल हो गए थे।
- नुकसान: क्षेत्र के प्रमुख मुरात कुम्पिलोव ने बताया कि हमले के बाद नोवाया अडिगिया गांव में एक अपार्टमेंट इमारत और पास का पार्किंग क्षेत्र आग की चपेट में आ गया।
- तबाही: 15 वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गए और 25 अन्य क्षतिग्रस्त हुए। घायलों में दो बच्चे भी शामिल थे, जो युद्ध की विभीषिका का सबसे दर्दनाक पहलू है।
कीव का हाल: 'जनरल विंटर' का सितम
उधर, यूक्रेन की राजधानी कीव में हालात बदतर होते जा रहे हैं। रूसी सेना ने सर्दियों को हथियार (Weaponization of Winter) बनाते हुए कीव के ऊर्जा ढांचे पर बमबारी तेज कर दी है।
- हीटिंग ठप: कीव के मेयर विताली क्लिचको ने एक डराने वाला आंकड़ा पेश किया। उन्होंने बताया कि शहर की 5,635 इमारतों में हीटिंग (कमरा गर्म करने की प्रणाली) पूरी तरह बंद हो गई है।
- माइनस 14 डिग्री: यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब कीव में रात का तापमान गिरकर माइनस 14 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। बिना हीटिंग के कंक्रीट की इमारतें बर्फ के बक्से बन गई हैं।
- राहत कार्य: यूक्रेन की आपात सेवाओं ने शहर में 91 हीटिंग टेंट (Heating Tents) लगाए हैं। ये टेंट 'लाइफलाइन' बन गए हैं, जहां लोग खुद को गर्म करने, गर्म चाय पीने और अपने मोबाइल चार्ज करने के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं।
आसपास के इलाकों में हुए हमलों में एक 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत की भी पुष्टि हुई है, जबकि कई इमारतें मलबे में तब्दील हो गई हैं।
हमारी राय (The Trending People Analysis)
रूस-यूक्रेन युद्ध अब 'म्यूचुअल डिस्ट्रक्शन' (आपसी विनाश) के चरण में प्रवेश कर चुका है। यूक्रेन द्वारा रूस के भीतर तेल डिपो पर हमले करना यह दर्शाता है कि अब वह केवल रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक मुद्रा में है और रूस की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाना चाहता है।
The Trending People का विश्लेषण है कि रूस द्वारा सर्दियों में हीटिंग ग्रिड को निशाना बनाना एक मानवीय त्रासदी है। माइनस 14 डिग्री में बिजली और गर्मी छीनना किसी 'हथियार' से कम घातक नहीं है। दोनों पक्ष एक-दूसरे की 'सहनशक्ति' (Endurance) की परीक्षा ले रहे हैं, लेकिन इसमें पिस आम जनता रही है। ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले युद्ध को लंबा खींचने और कड़वाहट बढ़ाने का काम कर रहे हैं, जिसका कूटनीतिक समाधान दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहा।
