3.60 लाख में बिका मासूम—अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने बाल तस्करी के 'इंटर-स्टेट' नेटवर्क को ध्वस्त किया, नवजात सुरक्षित, महिला समेत 3 गिरफ्तार
अहमदाबाद/गांधीनगर, [दिनांक: 29 जनवरी 2026 — अहमदाबाद क्राइम ब्रांच (DCB) ने मानवता को शर्मसार करने वाले एक बड़े बाल तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक नवजात शिशु को सुरक्षित बचा लिया है। गुजरात एटीएस (ATS) से मिली सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने एक ऐसे नेटवर्क को ध्वस्त किया है जिसके तार गुजरात से लेकर तेलंगाना और उत्तर प्रदेश तक जुड़े हुए थे। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत तीन आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
पुलिस सब-इंस्पेक्टर जे.सी. देसाई के नेतृत्व में टीम ने 28 जनवरी को एयरपोर्ट की बाउंड्री वॉल के पास कोतरपुर पंपिंग स्टेशन के निकट जाल बिछाया था। हिम्मतनगर से एयरपोर्ट की ओर आ रही एक सफेद मारुति अर्टिगा कार को जब रोका गया, तो उसमें सवार व्यक्तियों के पास से एक नवजात शिशु बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने स्वीकार किया कि इस नवजात को हिम्मतनगर के पास मुन्नू नाम के व्यक्ति से 3 लाख 60 हजार रुपये में खरीदा गया था। इस बच्चे को हैदराबाद में नागराज नाम के एक एजेंट को बेचने की योजना थी, जहां इसकी कीमत और भी ऊंची लगाई जानी थी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वंदनाबेन जिगराभाई पंचाल (अहमदाबाद), रोशन उर्फ सज्जन महावीरप्रसाद अग्रवाल (हैदराबाद) और सुमित बच्चनभाई यादव (अहमदाबाद) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से नकदी, चार मोबाइल फोन और अपराध में इस्तेमाल कार जब्त कर ली है। बचाए गए बच्चे को तत्काल देखभाल और चिकित्सा निगरानी के लिए चाइल्ड हेल्थ ऑफिसर को सौंप दिया गया है। पुलिस ने मुख्य सौदागरों मुन्नू और नागराज के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है और इस सिंडिकेट की जड़ों को खोदने के लिए जांच तेज कर दी है।
हमारी राय (The Trending People Analysis)
बाल तस्करी समाज के माथे पर एक बदनुमा दाग है। महज चंद रुपयों के लिए एक नवजात को उसकी मां की गोद से छीनकर सामान की तरह बेचना दर्शाता है कि अपराधी कितने संवेदनहीन हो चुके हैं। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और एटीएस का यह संयुक्त ऑपरेशन सराहनीय है, जिसने एक मासूम की जिंदगी बर्बाद होने से बचा ली।
The Trending People का विश्लेषण है कि यह गिरोह केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं हो सकता। गुजरात से तेलंगाना तक तार जुड़े होना यह बताता है कि यह एक संगठित अपराध है। पुलिस को न केवल बिचौलियों को पकड़ना चाहिए, बल्कि उन निस्संतान दंपतियों या खरीदारों तक भी पहुंचना चाहिए जो अवैध तरीके से बच्चा गोद लेने के लिए मुंहमांगी कीमत देने को तैयार रहते हैं, क्योंकि मांग ही आपूर्ति को जन्म देती है। सख्त कानूनी कार्रवाई ही इस घिनौने व्यापार पर लगाम लगा सकती है।
