5 राज्यों में विधानसभा चुनाव का शंखनाद: वोटर आईडी कार्ड खो गया है? तो इन 11 सरकारी दस्तावेजों से भी डाल सकते हैं वोट
नेशनल डेस्क: देश के कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही संबंधित राज्यों में आदर्श चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct) भी लागू हो गई है। इसके बाद से ही चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं और राजनीतिक दलों ने अपना धुआंधार प्रचार अभियान शुरू कर दिया है।
इन राज्यों में कब होंगे चुनाव? जानें पूरा कार्यक्रम
चुनाव आयोग (Election Commission) ने असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तारीखों पर मतदान होगा:
- असम, केरल और पुडुचेरी: मतदान 9 अप्रैल को कराया जाएगा।
- तमिलनाडु: मतदाता 23 अप्रैल को वोट डालेंगे।
- पश्चिम बंगाल: चुनाव दो चरणों में आयोजित होंगे। पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा।
- नतीजे: इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होने वाले चुनावों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
चुनाव की घोषणा के साथ लागू हुई आचार संहिता
चुनाव की तारीखों की घोषणा होते ही इन सभी राज्यों और पुडुचेरी में आचार संहिता लागू कर दी गई है। इसके तहत नई सरकारी योजनाओं की घोषणा, सरकारी संसाधनों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल और मतदाताओं को लुभाने वाली गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है।
सबसे बड़ा सवाल: वोटर आईडी नहीं है तो क्या करें?
चुनाव की तारीख सामने आने के बाद कई मतदाताओं के मन में एक आम सवाल उठता है कि अगर मतदान वाले दिन वोटर आईडी कार्ड (Voter ID Card) खो जाए या घर पर रह जाए, तो क्या वे वोट डाल सकते हैं? कई बार लोगों का कार्ड गुम हो जाता है और उन्हें लगता है कि वे अपने मताधिकार से वंचित रह जाएंगे। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है।
वोटर आईडी कार्ड न होने पर इन 11 दस्तावेजों से करें मतदान
चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, वोटर आईडी कार्ड (EPIC) पहचान का सबसे सामान्य प्रमाण है। लेकिन अगर यह आपके पास नहीं है, तो भी आप वोट डाल सकते हैं। इसके लिए सबसे जरूरी शर्त यह है कि आपका नाम मतदाता सूची (Voter List) में दर्ज होना चाहिए। यदि नाम सूची में है, तो आप नीचे दिए गए 11 दस्तावेजों में से कोई भी एक मूल (Original) दस्तावेज दिखाकर वोट डाल सकते हैं:
- पासपोर्ट (Passport)
- ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License)
- आधार कार्ड (Aadhaar Card)
- पैन कार्ड (PAN Card)
- बैंक या डाकघर की फोटो वाली पासबुक
- सरकारी कर्मचारी का फोटो सहित सर्विस पहचान पत्र
- एनपीआर (NPR) के तहत जारी स्मार्ट कार्ड
- मनरेगा जॉब कार्ड (MNREGA Job Card)
- श्रम मंत्रालय द्वारा जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड
- फोटो सहित पेंशन से संबंधित दस्तावेज
- सांसद, विधायक या विधान परिषद सदस्य का आधिकारिक पहचान पत्र
केवल 'फोटो वोटर स्लिप' से नहीं डाल सकते वोट
चुनाव आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि केवल 'फोटो वोटर स्लिप' (Voter Slip) को पहचान पत्र के रूप में स्वीकार नहीं किया जाता है। यह स्लिप सिर्फ मतदाता को यह जानकारी देने के लिए होती है कि उसका नाम किस मतदान केंद्र और भाग संख्या में दर्ज है। मतदान के समय इस स्लिप के साथ ऊपर बताए गए किसी एक वैध पहचान पत्र का होना अनिवार्य है।
हमारी राय: मतदान केवल हमारा अधिकार ही नहीं, बल्कि एक लोकतांत्रिक जिम्मेदारी भी है। अक्सर लोग वोटर आईडी कार्ड न होने का बहाना बनाकर वोट डालने नहीं जाते। चुनाव आयोग ने आधार कार्ड से लेकर पैन कार्ड तक 11 अन्य विकल्प देकर मतदान प्रक्रिया को बेहद आसान बना दिया है। इसलिए, अपनी जिम्मेदारी समझें, सही दस्तावेज साथ ले जाएं और लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी जरूर सुनिश्चित करें।
