देवभूमि में कुदरत का 'शीत प्रहार'—पहाड़ों पर बिछी बर्फ की चादर, माइनस में लुढ़का पारा, जम गए झरने और पाइपलाइन, जानें आज का मौसम
देहरादून/नैनीताल, [दिनांक: 10 जनवरी 2026 — देवभूमि उत्तराखंड (Uttarakhand) इन दिनों कुदरत के 'सफेद जादू' और 'शीत लहर' की गिरफ्त में है। पहाड़ों ने बर्फ की मोटी चादर ओढ़ ली है, जिससे नजारा जितना खूबसूरत लग रहा है, स्थानीय निवासियों के लिए जीवन उतना ही कठिन हो गया है। कड़ाके की ठंड ने राज्य के कई जिलों में जनजीवन को 'फ्रीज' कर दिया है। स्थिति यह है कि ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान शून्य से नीचे (Minus Degree) पहुंच गया है, जिसके चलते प्राकृतिक झरनों से लेकर घरों की पानी की पाइपलाइनें तक जम गई हैं।
रातें जहां हड्डियों को गला देने वाली सर्द हैं, वहीं सुबह चलने वाली बर्फीली हवाएं (Icy Winds) लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। हालांकि, दिन में खिलने वाली धूप थोड़ी राहत जरूर देती है, लेकिन शाम ढलते ही पहाड़ों पर सन्नाटा और ठिठुरन पसर जाती है। मौसम विभाग ने आज भी राज्य के कई प्रमुख जिलों में बर्फबारी और कोहरे का अलर्ट जारी किया है।
हाड़ कंपा देने वाली ठंड: माइनस 1 डिग्री तक गिरेगा पारा
मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, आज उत्तराखंड के मौसम में कोई बड़ी राहत मिलने के आसार नहीं हैं। पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी ने तापमान को रसातल में पहुंचा दिया है।
माइनस का टॉर्चर: मौसम विभाग के अनुसार, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और बागेश्वर जैसे ऊंचाई वाले जिलों में तापमान माइनस 1 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की प्रबल संभावना है।पाला जमने की चेतावनी: इन क्षेत्रों में पाला (Frost) जमने का भी अनुमान है, जो फसलों और सड़कों पर चलने वाले वाहनों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। 'ब्लैक आइस' (Black Ice) के कारण फिसलन बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
जमी हुई जिंदगी: ठंड का आलम यह है कि कई जगहों पर पीने का पानी पाइपों के अंदर ही जम गया है। लोग आग जलाकर पाइपों को पिघलाने की जद्दोजहद करते देखे जा रहे हैं। कुदरती झरने भी अब बर्फ की मूर्तियों में तब्दील हो गए हैं।
बर्फबारी का अलर्ट: नैनीताल से पिथौरागढ़ तक 'व्हाइट वॉश'
पर्यटकों के लिए जहां यह मौसम जश्न का है, वहीं प्रशासन के लिए चुनौती का। मौसम विभाग ने राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों और जिलों में हल्की से मध्यम बर्फबारी का अनुमान जताया है।
इन जिलों में गिर सकती है बर्फ: नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ में आज हल्की बर्फबारी (Light Snowfall) की संभावना है।
तापमान का मीटर: पहाड़ी इलाकों में आज न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 10 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है। आसमान में बादल छाए रहने से दिन में भी ठिठुरन महसूस होगी।
मैदानी इलाकों पर 'कोहरे' का कब्जा
बर्फीली हवाओं का असर केवल पहाड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव मैदानी इलाकों (Plains) पर भी देखने को मिल रहा है। हरिद्वार, उधम सिंह नगर और देहरादून के मैदानी हिस्सों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
- घना कोहरा: मैदानी इलाकों में सुबह और रात के समय घना कोहरा (Dense Fog) छाए रहने का अनुमान है।
- विजिबिलिटी और यातायात: कोहरे के कारण दृश्यता (Visibility) 50 मीटर से भी कम रह सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। वाहन चालकों को फॉग लाइट का इस्तेमाल करने और धीमी गति से चलने की सलाह दी गई है।
कब मिलेगी राहत?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय रहने के कारण मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। धूप खिलने से दिन में आंशिक राहत मिल सकती है, लेकिन सुबह और शाम की कड़ाके की ठंड अभी बरकरार रहेगी।
हमारी राय (The Trending People Analysis)
उत्तराखंड का यह मौसम एक दोधारी तलवार जैसा है। एक तरफ यह पर्यटकों को आकर्षित कर राज्य की आर्थिकी को बल देता है, तो दूसरी तरफ स्थानीय निवासियों, विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह एक कठिन परीक्षा है। पाइपलाइनों का जमना और सड़कों पर पाला गिरना जीवन को कठिन बनाता है।
The Trending People का मानना है कि प्रशासन को सुदूरवर्ती क्षेत्रों में अलाव और रैन बसेरों की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। जो पर्यटक बर्फबारी का आनंद लेने पहाड़ों का रुख कर रहे हैं, उन्हें हमारी सलाह है कि वे गर्म कपड़े, जरूरी दवाइयां साथ रखें और ड्राइविंग करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। पहाड़ों की सुंदरता का आनंद लें, लेकिन सुरक्षा से समझौता न करें।
