US-Iran Deal: 'मुझसे ज्यादा ताकतवर कोई नहीं...', समझौते पर 'झुकने' के आरोपों पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, आलोचकों को दिया करारा जवाब
वाशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए 14-सूत्रीय डिजिटल समझौते (MOU) ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। कई कूटनीतिक जानकार इसे अमेरिका का 'झुकना' और ईरान की 'जीत' करार दे रहे हैं। इन आलोचनाओं पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीखा पलटवार किया है।
ट्रंप का वार: "शेयर बाजार और तेल की कीमतों को देखें"
'दैनिक जागरण' और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर आलोचकों को "जलनशील और बुरे लोग" बताया। उन्होंने अपनी नीति का बचाव करते हुए कहा, "जो लोग सोचते हैं कि मैं ईरान पर सख्त नहीं रहा, उन्हें देखना चाहिए कि स्टॉक मार्केट आज रिकॉर्ड ऊंचाई पर है और कच्चे तेल की कीमतें लगातार गिर रही हैं।" ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जब भी शांति की बात हुई है, शेयर बाजार रॉकेट की तरह ऊपर गया है।
परमाणु हथियार और बमबारी की चेतावनी
अपने आक्रामक रुख की याद दिलाते हुए ट्रंप ने कहा कि 2020 में ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी को मारने का फैसला उन्हीं का था। समझौते की शर्तों को स्पष्ट करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान अब कोई परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी, "अगर वे समझौते का सम्मान नहीं करते हैं, तो हम शायद तब तक उन पर बमबारी करते रहेंगे, जब तक वे इसे मान नहीं लेते।" ईरान को मिलने वाली आर्थिक राहत पूरी तरह से उसके भविष्य के 'व्यवहार' पर निर्भर करेगी।
हमारी राय में
hindi.thetrendingpeople.com के कूटनीतिक डेस्क की राय में, डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान उनकी चिर-परिचित 'आक्रामक कूटनीति' (Aggressive Diplomacy) का हिस्सा है। वे अमेरिकी जनता को यह संदेश देना चाहते हैं कि यह शांति समझौता घरेलू अर्थव्यवस्था (सस्ता तेल और मजबूत शेयर बाजार) के लिए जरूरी था, लेकिन रक्षा मोर्चे पर अमेरिका ने कोई समझौता नहीं किया है। बमबारी की चेतावनी इस बात का प्रमाण है कि भले ही कागजों पर समझौता हो गया हो, लेकिन वाशिंगटन और तेहरान के बीच 'अविश्वास की खाई' अभी भी बहुत गहरी है।
