ड्रैगन की अर्थव्यवस्था में बूम: चीन के निर्यात में 19.4% की छलांग, अमेरिका में भी बंपर डिमांड
नई दिल्ली (hindi.thetrendingpeople.com विशेष व्यापार रिपोर्ट): वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच चीन की अर्थव्यवस्था ने जोरदार वापसी के संकेत दिए हैं। मंगलवार को चीन की सीमा-शुल्क एजेंसी द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़े वैश्विक बाजार, विशेषकर प्रौद्योगिकी और ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए चौंकाने वाले हैं।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, मई महीने के दौरान चीन के निर्यात में सालाना आधार पर 19.4 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है। इस जबर्दस्त उछाल का मुख्य कारण कृत्रिम मेधा (AI), सेमीकंडक्टर और हरित प्रौद्योगिकी (Green Tech) से जुड़े उत्पादों की मजबूत वैश्विक मांग है। अन्य प्रमुख व्यापारिक समाचार पत्रों और अमर उजाला की आर्थिक समीक्षाओं में भी इस बात की ओर इशारा किया गया था कि ग्लोबल टेक बूम का सबसे बड़ा फायदा मैन्युफैक्चरिंग हब चीन को मिलने वाला है, और ये आंकड़े उसी अनुमान की स्पष्ट पुष्टि करते हैं।
आंकड़ों की जुबानी: निर्यात और आयात दोनों में तेज उछाल
चीन की सीमा-शुल्क एजेंसी के आधिकारिक बयान के अनुसार, व्यापार के मोर्चे पर यह लगातार दूसरा महीना है जब इतनी तेज गति से वृद्धि देखी गई है।
- निर्यात (Exports): अप्रैल में चीन का निर्यात 14.1 प्रतिशत बढ़ा था, जो मई में और तेज होकर 19.4 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गया।
- आयात (Imports): केवल निर्यात ही नहीं, बल्कि चीन की घरेलू मांग और औद्योगिक कच्चे माल की जरूरत में भी सुधार दिखा है। मई में चीन का आयात 27.4 प्रतिशत बढ़ा, जबकि अप्रैल में यह आंकड़ा 25.3 प्रतिशत था।
- अमेरिका के साथ व्यापार: भू-राजनीतिक तनावों और ट्रेड वॉर की आहट के बावजूद, अमेरिका को होने वाले चीनी निर्यात में भारी तेजी आई है। मई में यह सालाना आधार पर 35 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया, जबकि अप्रैल में यह वृद्धि मात्र 11 प्रतिशत थी।
उछाल का मुख्य कारण: 'ग्लोबल AI बूम' और हरित ऊर्जा
इस घटना की पृष्ठभूमि को समझें, तो कोरोना महामारी के बाद वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में जो बदलाव आए हैं, उसमें 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) ने एक नई क्रांति ला दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि वाहन (विशेषकर इलेक्ट्रिक वाहन), सेमीकंडक्टर चिप्स और AI से जुड़े एडवांस हार्डवेयर की मजबूत मांग ने चीन के निर्यात को पंख लगा दिए हैं। इसके अलावा पूरी दुनिया का रुझान अब हरित प्रौद्योगिकी और रिन्यूएबल एनर्जी की तरफ तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें चीनी कंपनियों का अभी भी खासा दबदबा कायम है।
विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया: टेक उत्पादों की बंपर डिमांड
इस आर्थिक उछाल पर बाजार विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्रियों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। डच बैंक 'आईएनजी' (ING) के मुख्य अर्थशास्त्री लिन सॉन्ग (Lin Song) ने इस रुझान का विश्लेषण करते हुए कहा:
"जहाज, सेमीकंडक्टर चिप्स, वाहन और बैटरियों की मजबूत मांग वैश्विक प्रौद्योगिकी उछाल का ही एक सीधा परिणाम है। इसी ग्लोबल टेक डिमांड ने चीन की व्यापार मूल्य वृद्धि को मजबूत समर्थन दिया है।"
हमारी राय में
hindi.thetrendingpeople.com के नजरिए से देखा जाए तो, चीन के निर्यात में यह 19.4 प्रतिशत की वृद्धि इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वैश्विक बाजार में 'टेक और AI' उत्पादों की भूख अभी शांत नहीं हुई है। अमेरिका जैसे देशों के साथ कूटनीतिक तनाव के बावजूद व्यापारिक आंकड़ों में 35% का उछाल यह साबित करता है कि व्यावसायिक हित और बाजार की मांग अक्सर राजनीति से एक कदम आगे चलती है। भारत के संदर्भ में, यह हमारे नीति-निर्माताओं के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि यदि हमें 'मेक इन इंडिया' को वैश्विक पटल पर और मजबूत करना है, तो हमें भी सेमीकंडक्टर, बैटरी निर्माण और AI-आधारित हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अपनी रफ्तार कई गुना बढ़ानी होगी।
