ओपन मैरिज' का ऐसा रूप देख दुनिया हैरान—पत्नी खुद लाई सौतन, पति बना 'बॉस', कॉन्ट्रैक्ट साइन कर गुलामी को बताया 'खुशी'
लंदन/नई दिल्ली, दिनांक: 22 जनवरी 2026 — रिश्तों की दुनिया में वफादारी और एकाधिकार (Monogamy) को लेकर हर संस्कृति के अपने मूल्य हैं, लेकिन ब्रिटेन (UK) से एक ऐसी कहानी सामने आई है जिसने आधुनिक रिश्तों की परिभाषा को ही सिर के बल खड़ा कर दिया है। यहां एक कपल ने 'ओपन मैरिज' (Open Marriage) के नाम पर एक ऐसा उदाहरण पेश किया है, जिसे सुनकर इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है। एक पत्नी ने न केवल अपने पति को दूसरी महिलाओं के साथ संबंध रखने की खुली छूट दी, बल्कि खुद पहल करके उसके लिए दो गर्लफ्रेंड्स भी ढूंढकर लाई।
हैरानी की बात यह नहीं है कि वे साथ रह रहे हैं, बल्कि हैरानी उस 'लिखित कॉन्ट्रैक्ट' (Written Contract) को लेकर है जिसके तहत यह पूरा कुनबा चलता है। इस घर में लोकतंत्र नहीं, बल्कि पति का एकछत्र राज चलता है। वह तय करता है कि उसकी तीनों पार्टनर कब सोएंगी, क्या पहनेंगी और कब खाएंगी। इसे कुछ लोग 'प्यार' कह रहे हैं तो कुछ 'मानसिक गुलामी'।
10 साल का साथ और 'तीन तिगाड़ा' का खेल
इस अनोखे परिवार के मुखिया का नाम स्कॉट (Scott) है और उनकी पहली पत्नी का नाम ब्रेंडा (Brenda) है। दोनों की शादी को 10 साल हो चुके हैं।
- शुरुआत: रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 7 साल पहले इस जोड़े ने अपनी शादीशुदा जिंदगी को एक नया और बोल्ड मोड़ देने का फैसला किया। ब्रेंडा ने खुद समांथा और अयांड्रा नाम की दो लड़कियों को ढूंढा और इस रिश्ते में शामिल किया।
- रिश्ते का समीकरण: खास बात यह है कि ये तीनों महिलाएं (ब्रेंडा, समांथा, अयांड्रा) स्कॉट को अपना पति या पार्टनर मानती हैं, लेकिन आपस में इनका रिश्ता किसी रोमांटिक पार्टनर का नहीं, बल्कि 'बहनों' जैसा है। वे एक ही छत के नीचे रहती हैं और घर के काम मिल-जुलकर करती हैं।
कॉन्ट्रैक्ट की शर्तें: पति के हाथ में रिमोट कंट्रोल
हाल ही में एक टीवी शो के दौरान इस परिवार ने अपनी जीवनशैली का खुलासा किया, जिसने दर्शकों को चौंका दिया। उन्होंने बताया कि उन सबने एक लीगल जैसा दिखने वाला कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। इस समझौते की शर्तें किसी तानाशाही फरमान से कम नहीं हैं।
स्कॉट के नियम:
- दिनचर्या: स्कॉट ही तय करते हैं कि तीनों महिलाएं रात को कब सोएंगी और सुबह कब जागेंगी। उनकी मर्जी के बिना सोने का समय भी नहीं बदला जा सकता।
- खान-पान: कब खाना है और क्या खाना है, इसका फैसला भी 'बॉस' यानी स्कॉट ही करते हैं।
- मेकअप और ड्रेसिंग: महिलाओं को कैसे कपड़े पहनने हैं, कितना मेकअप करना है और कैसा दिखना है, यह भी स्कॉट की पसंद पर निर्भर करता है।
- निगरानी: सबसे डरावनी शर्त यह है कि स्कॉट के पास तीनों महिलाओं की 24x7 लाइव गूगल लोकेशन (Google Location) रहती है। इतना ही नहीं, उसे उनके फोन के मैसेज और कॉल लॉग्स चेक करने का पूरा अधिकार है। निजता (Privacy) नाम की कोई चीज इस घर में महिलाओं के लिए नहीं है।
"हमें आजादी नहीं चाहिए": महिलाओं का तर्क
जहाँ दुनिया इसे नियंत्रण (Control) और शोषण (Exploitation) की नजर से देख रही है, वहीं तीनों महिलाओं का नजरिया बिल्कुल अलग है।
सुरक्षा का भाव: हैरानी की बात यह है कि उन्हें इस तरह के सख्त नियंत्रण से कोई शिकायत नहीं है। उनका कहना है, "हमें स्कॉट के आदेशों को मानना अच्छा लगता है। हमें अपनी आजादी छिनने का कोई दुख नहीं है क्योंकि हम इस रिश्ते में खुद को सुरक्षित और खुश महसूस करती हैं।"
खुशी: उनका तर्क है कि स्कॉट उनकी हर जरूरत का ख्याल रखते हैं, इसलिए बदले में वे उन्हें अपना पूर्ण समर्पण देती हैं।
सोशल मीडिया पर उड़ा मजाक: "आत्मसम्मान कहां है?"
जैसे ही इस अनोखे रिश्ते की कहानी और शर्तें सार्वजनिक हुईं, सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग की बाढ़ आ गई। नेटिजन्स ने इसे 'ओपन मैरिज' के बजाय 'घरेलू कल्ट' (Domestic Cult) करार दिया।
प्रतिक्रिया: कई यूजर्स ने कमेंट किया, "इन महिलाओं का कोई आत्मसम्मान (Self-respect) नहीं बचा है। वे एक सनकी इंसान के इशारों पर नाच रही हैं।"
आलोचना: लोगों का कहना है कि स्कॉट एक ऐसा व्यक्ति है जो असुरक्षित है और दूसरों को काबू में रखकर अपनी मर्दानगी साबित करना चाहता है। यह रिश्ता किसी भी लिहाज से सामान्य या स्वस्थ नहीं है।
हमारी राय (The Trending People Analysis)
रिश्ते सहमति से बनते हैं, लेकिन सहमति का मतलब यह नहीं होना चाहिए कि एक इंसान दूसरे की बुनियादी आजादी और निजता को ही खत्म कर दे। स्कॉट और उनकी पत्नियों का यह मॉडल 'पॉलीअमरी' (Polyamory) के नाम पर पितृसत्ता (Patriarchy) का एक चरम रूप नजर आता है।
The Trending People का विश्लेषण है कि जब पार्टनर के फोन चेक करने और सोने-जागने का समय तय करने को 'प्यार' का नाम दिया जाता है, तो यह खतरे की घंटी है। भले ही वे महिलाएं खुश होने का दावा कर रही हों, लेकिन यह मनोवैज्ञानिक निर्भरता (Psychological Dependency) का संकेत हो सकता है। समाज के लिए यह एक बहस का विषय है कि क्या 'चॉइस' (पसंद) के नाम पर हर तरह के नियंत्रण को जायज ठहराया जा सकता है?
