मर्यादा की मौत! 'लाइक्स' के लिए श्मशान पहुंची इन्फ्लुएंसर, जलती चिता और अस्थि कलश के साथ किया डांस, वीडियो देख खौला लोगों का खून
नई दिल्ली, दिनांक: 19 जनवरी 2026 — सोशल मीडिया पर मशहूर होने (Viral Fever) और चंद 'लाइक्स' पाने की होड़ में इंसानियत और मर्यादा किस हद तक गिर सकती है, इसका एक शर्मनाक उदाहरण हाल ही में सामने आया है। इंस्टाग्राम और रील्स की दुनिया में 'कंटेंट' के नाम पर अब श्मशान घाट (Cremation Ground) जैसी पवित्र और संवेदनशील जगहों को भी तमाशे का अड्डा बना दिया गया है।
इंटरनेट पर एक वीडियो जंगल की आग की तरह फैल रहा है, जिसमें एक महिला इन्फ्लुएंसर लाल साड़ी पहनकर श्मशान घाट में, कथित तौर पर जलती हुई चिता के पास, एक अस्थि कलश (Urn) हाथ में लेकर फिल्मी गाने पर रील बना रही है। इस वीडियो ने सोशल मीडिया यूजर्स के गुस्से को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। लोग इसे न केवल भारतीय संस्कृति का अपमान बता रहे हैं, बल्कि इसे मृतकों की गरिमा के साथ भद्दा मजाक करार दे रहे हैं।
कौन है यह 'विवादित' इन्फ्लुएंसर?
इस पूरे विवाद के केंद्र में सोना (Sona) नाम की एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। इंस्टाग्राम पर उनके 4 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, जो उनकी लोकप्रियता को दर्शाता है। लेकिन इस बार उन्होंने व्यूज पाने के लिए जो रास्ता चुना, वह समाज को नागवार गुजरा है।
वीडियो में क्या है? वायरल वीडियो में सोना मांग में सिंदूर, लाल साड़ी और भारी गहने पहने नजर आ रही हैं। उनके चेहरे पर दुख का भाव कम और 'परफॉर्म करने' का भाव ज्यादा है।
- अस्थि कलश: सबसे हैरानी और गुस्से की बात यह है कि उनके हाथ में एक अस्थि कलश है।
- बैकग्राउंड: पीछे आग जलती दिखाई दे रही है, जिसे चिता (Pyre) के रूप में दर्शाया गया है। इस गंभीर दृश्य के साथ बैकग्राउंड में एक बॉलीवुड का दर्द भरा गाना बज रहा है और इन्फ्लुएंसर उस पर 'लिप-सिंक' और डांस मूव्स कर रही हैं।
असली श्मशान या कचरे का ढेर? 'ड्रामा' पर बहस
जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, इंटरनेट दो धड़ों में बंट गया। एक तरफ वे लोग हैं जो इसे असली श्मशान मानकर इन्फ्लुएंसर को कोस रहे हैं, तो दूसरी तरफ कुछ सतर्क यूजर्स ने वीडियो की प्रमाणिकता पर सवाल उठाए हैं।
- सेटअप का शक: कुछ लोगों का कहना है कि यह असली श्मशान घाट नहीं है। उनका तर्क है कि वीडियो में दिख रहा धुआं और आग किसी कचरे के ढेर (Garbage Dump) या सूखी लकड़ियों को जलाकर पैदा की गई है ताकि 'इमोशनल ड्रामा' क्रिएट किया जा सके।
- नीयत पर सवाल: असली हो या नकली, सवाल नीयत का है। मौत जैसे गंभीर विषय को रील के लिए 'प्रॉप' (Prop) की तरह इस्तेमाल करना, अस्थि कलश का नाटक करना और शोक को मनोरंजन में बदलना—यही बात लोगों को सबसे ज्यादा चुभ रही है।
अंधविश्वास का 'तड़का': तांत्रिक और झाड़-फूंक
विवाद यहीं नहीं थमता। अपनी रील को और ज्यादा सनसनीखेज बनाने के लिए इन्फ्लुएंसर ने इसमें 'अंधविश्वास' (Superstition) का तड़का भी लगाया है।
- बुरा साया: रील के अगले हिस्से (Part-2) में दिखाया गया है कि श्मशान में डांस करने की वजह से महिला पर 'बुरा साया' या प्रेत बाधा पड़ गई है।
- झाड़-फूंक: इसके बाद वीडियो में एक कथित तांत्रिक को उस पर झाड़-फूंक करते हुए दिखाया गया है।
आलोचकों का कहना है कि 21वीं सदी में जब देश विज्ञान और तर्क की बात कर रहा है, तब ऐसे वीडियो समाज में डर और अंधविश्वास फैलाते हैं। यह केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि मानसिक पिछड़ेपन को बढ़ावा देना है।
सोशल मीडिया पर 'सर्जिकल स्ट्राइक': बैन की मांग
इस वीडियो के कमेंट सेक्शन में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। यूजर्स इसे 'चीप पब्लिसिटी स्टंट' बता रहे हैं।
- कमेंट्स: एक यूजर ने लिखा, "शर्म आनी चाहिए! कम से कम मौत की तो इज्जत करो।" दूसरे ने लिखा, "क्या अब व्यूज के लिए हम अपनी आत्मा भी बेच देंगे?"
- रिपोर्ट: कई यूजर्स ने मेटा (Meta) और साइबर पुलिस को टैग करते हुए इस तरह के असंवेदनशील कंटेंट को तुरंत हटाने और अकाउंट को बैन करने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे इन्फ्लुएंसर्स समाज के लिए गलत उदाहरण पेश कर रहे हैं।
हमारी राय (The Trending People Analysis)
सोशल मीडिया ने हमें अभिव्यक्ति की आजादी दी है, लेकिन क्या आजादी का मतलब 'मर्यादा का हनन' है? श्मशान घाट, जहां लोग अपने प्रियजनों को अंतिम विदाई देने जाते हैं, वह वैराग्य और शांति का स्थान है, न कि रील बनाने का स्टूडियो।
The Trending People का विश्लेषण है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर 'सेंसरशिप' से ज्यादा जरूरी 'सेल्फ-सेंसरशिप' (आत्म-नियंत्रण) है। इन्फ्लुएंसर्स को समझना होगा कि उनके लाखों फॉलोअर्स हैं, और वे जो दिखाते हैं उसका समाज पर असर पड़ता है। मौत का मजाक उड़ाना और अंधविश्वास फैलाना 'क्रिएटिविटी' नहीं, बल्कि मानसिक दिवालियापन है। सरकार और सोशल मीडिया कंपनियों को गाइडलाइंस बनानी चाहिए कि संवेदनशील स्थानों (धार्मिक स्थल, अस्पताल, श्मशान) पर वीडियो बनाने की सीमा क्या हो, ताकि भविष्य में ऐसी शर्मनाक घटनाओं पर रोक लग सके।
