जाइमा रहमान: क्या 28 वर्षीय बैरिस्टर बनेंगी बांग्लादेश की नई 'शक्ति'? चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल
पॉलिटिकल डेस्क | बांग्लादेश के 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव के नतीजों ने न केवल सत्ता की तस्वीर बदली है, बल्कि देश को एक नया चेहरा भी दिया है। जहाँ एक ओर बीएनपी (BNP) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान 17 साल के निर्वासन के बाद नायक बनकर उभरे हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी बेटी जाइमा जरनाज रहमान (Zaima Zarnaz Rahman) 'भविष्य की नेता' के रूप में सुर्खियां बटोर रही हैं।
चुनावी नतीजों के बीच जाइमा का उदय
शुक्रवार को जारी चुनाव आयोग के अनौपचारिक आंकड़ों के अनुसार, तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी ने 300 में से 208 सीटों का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। पार्टी की इस ऐतिहासिक जीत के पीछे जिस युवा शक्ति और रणनीतिक कौशल की चर्चा हो रही है, उसका केंद्र जाइमा रहमान हैं। दिसंबर 2025 में अपने पिता के साथ लंदन से ढाका लौटने के बाद से ही जाइमा ने पार्टी के सांगठनिक कार्यक्रमों और चुनाव अभियान की कमान अपने हाथों में ले ली थी।
कौन हैं जाइमा रहमान? (शिक्षा और पृष्ठभूमि)
जाइमा रहमान, तारिक रहमान और डॉ. जुबैदा रहमान की इकलौती संतान हैं। उनकी शख्सियत में आधुनिक शिक्षा और पारिवारिक विरासत का अनूठा संगम दिखता है:
- शिक्षा: उन्होंने लंदन की प्रतिष्ठित क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी से कानून (Law) की डिग्री हासिल की है और वे पेशे से एक बैरिस्टर हैं।
- अनुभव: पिछले 17 वर्षों से परिवार के साथ लंदन में निर्वासन का जीवन बिताने वाली जाइमा ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कानूनी बारीकियों को करीब से समझा है।
- उम्र: उनकी उम्र लगभग 28-30 साल के बीच है, जो उन्हें बांग्लादेश के 3 करोड़ से ज्यादा युवा वोटरों के साथ जोड़ने में मददगार साबित हुई है।
'जमीन' पर उतरकर जीता दिल
फरवरी 2026 के आम चुनाव से ठीक पहले जाइमा का एक अलग अंदाज देखने को मिला। उन्होंने अपने पिता के निर्वाचन क्षेत्र और विशेष रूप से ढाका-17 में जोरदार प्रचार किया।
- साधारण जीवन: वे एक साधारण लड़की की तरह रिक्शे पर सवार होकर सड़कों पर उतरीं, लोगों के घरों तक पहुंचीं और हाथ जोड़कर वोट मांगे।
- युवाओं में क्रेज: रिक्शा चलाते हुए और लोगों से मिलते हुए उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिससे उन्हें 'पीपुल्स लीडर' की छवि मिली।
- पहला वोट: 12 फरवरी 2026 को जाइमा ने अपने जीवन का पहला वोट गुलशन मॉडल स्कूल एंड कॉलेज में डाला, जिसे देश में जिया परिवार की चौथी पीढ़ी की औपचारिक एंट्री के रूप में देखा गया।
क्या हैं भविष्य के संकेत?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जाइमा रहमान में अपनी दादी खालिदा जिया और पिता तारिक रहमान की राजनीतिक विरासत को आगे ले जाने की पूरी क्षमता है।
- महिला नेतृत्व: शेख हसीना और खालिदा जिया के बाद बांग्लादेश की राजनीति में एक रिक्त स्थान बना है, जिसे जाइमा जैसा शिक्षित और युवा चेहरा भर सकता है।
- भावनात्मक जुड़ाव: सोशल मीडिया पर अपनी दादी खालिदा जिया की याद में उनकी कविताएं और तस्वीरें साझा कर जाइमा ने पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ गहरा भावनात्मक रिश्ता बनाया है।
- तारिक रहमान का रुख: स्वयं तारिक रहमान ने संकेत दिए हैं कि परिस्थितियों के अनुसार जाइमा पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी संभाल सकती हैं।
संपादकीय विश्लेषण
जाइमा रहमान की एंट्री केवल एक राजनीतिक उत्तराधिकार नहीं है, बल्कि यह बांग्लादेश की बदलती सोच का प्रतीक भी है। एक विदेशी यूनिवर्सिटी से पढ़ी बैरिस्टर का ढाका की सड़कों पर रिक्शे पर घूमना यह दर्शाता है कि जिया परिवार अपनी पुरानी छवि को बदलकर युवाओं और आम जनता से सीधे जुड़ना चाहता है। यदि बीएनपी सत्ता में आती है, तो जाइमा का रोल केवल पर्दे के पीछे तक सीमित नहीं रहेगा। वे आने वाले समय में दक्षिण एशियाई राजनीति की एक प्रभावशाली आवाज बन सकती हैं।
